24 घंटे पेयजल प्रोजेक्ट की खुली पोल

Update: 2026-06-07 12:06 GMT
Shimla. शिमला। राजधानी शिमला में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए विश्व बैंक सहायता प्राप्त परियोजना के तहत चल रहे कार्यों को लेकर शनिवार को नगर निगम के विशेष सदन में सुएज कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। मेयर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन बिछाने के महीनों बाद भी सडक़ों, पैदल रास्तों और नालियों का रेस्टोरेशन नहीं किया गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री, शिमला जल प्रबंधन निगम (एसजेपीएनएल) के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र ठाकुर तथा सुएज कंपनी के
अधिकारी उपस्थित रहे।


विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने कहा कि कंपनी बार-बार जल्द काम पूरा करने का आश्वासन देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदल रही है। पार्षदों ने चेतावनी दी कि बरसात के दौरान नालियों और सडक़ों की खराब स्थिति से जलभराव और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। एसजेपीएनएल अधिकारियों ने भी कंपनी के कार्यों को संतोषजनक नहीं माना और समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता जताई। सदन ने निर्णय लिया कि सुएज कंपनी पहले लंबित रेस्टोरेशन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करेगी। मानसून शुरू होने से पहले सभी प्रभावित वार्डों में सडक़ें, रास्ते और नालियां बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बरसात के दौरान नई खुदाई पर रोक लगाने का फैसला भी लिया गया। सदन ने कार्यों की निगरानी के लिए विशेष समिति गठित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
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