गुजरात: साइबर अपराध शाखा के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि मंगलवार को स्कूलों, अदालतों, अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) कार्यालयों और नरेंद्र मोदी स्टेडियम को निशाना बनाकर 19 बम धमाकों की धमकियां मिलीं। सुरक्षा एजेंसियों ने शहर के शैक्षणिक संस्थानों और अन्य स्थानों पर भेजे गए धमकी भरे ईमेल के जवाब में कार्रवाई की।
पुष्टि होने तक मिली 19 धमकियों में से 14 स्कूलों से, दो अदालतों से, दो एएमसी या महापौर कार्यालय से और एक नरेंद्र मोदी स्टेडियम से संबंधित थी। श्री नारायण गुरु स्कूल को मिले एक ईमेल का विषय था, "चेतावनी! दोपहर 1:11 बजे अहमदाबाद के स्कूलों में बम धमाका"।
यह ईमेल सुबह 9:10 बजे भेजा गया था और सीएन विद्याविहार और श्री नारायण गुरु स्कूल सहित तीन स्कूल ईमेल खातों को संबोधित था। संदेश में निर्धारित समय पर बम विस्फोट की धमकियां थीं और इसमें स्कूलों, अदालतों, एक कार्यालय और नरेंद्र मोदी स्टेडियम का जिक्र किया गया था।
इसमें लोगों को 21 नवंबर को मोटेरा स्टेडियम मेट्रो स्टेशन जाने से भी मना किया गया था, यह तारीख पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के स्टेडियम में होने वाले निर्धारित संगीत कार्यक्रम के संदर्भ में बताई गई थी। ईमेल में 'खालिस्तान जिंदाबाद' और 'खून का बदला खून दा' जैसे नारे लिखे थे और इसमें खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम लेने का दावा किया गया था। इसमें बब्बर खालसा का भी जिक्र था और कई व्यक्तियों के नाम लिए गए थे।
इन दावों की प्रामाणिकता और भेजने वाले की पहचान स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं की जा सकी है। संदेश में प्राप्तकर्ताओं को सड़कों पर पड़े आईफोन न उठाने की चेतावनी दी गई थी, यह दावा करते हुए कि इन उपकरणों का इस्तेमाल विस्फोट करने के लिए किया जा सकता है।
इसमें स्कूलों और अन्य स्थानों पर विस्फोटों की धमकी भी दी गई थी, साथ ही कथित हमलों के लिए विशिष्ट समय भी बताया गया था। इन धमकियों के चलते प्रभावित स्थानों पर सुरक्षा जांच शुरू की गई। स्थानीय पुलिस, बम डिटेक्शन टीमें और खोजी कुत्ते स्कूलों में तैनात किए गए थे। स्कूल अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाते हुए छात्रों को घर भेज दिया और अभिभावकों से उन्हें लेने के लिए कहा।
बम की धमकी के बाद एएमसी मुख्यालय को खाली करा लिया गया। लक्षित स्थानों पर गहन जांच की गई।
यह ताजा घटना गुजरात में सार्वजनिक संस्थानों और प्रमुख स्थलों पर पहले भी मिली बम धमकियों के बाद हुई है।
अहमदाबाद में मिली धमकियों की जांच जारी है, लेकिन संदेश भेजने वाले की पहचान और संदेशों की विश्वसनीयता अभी तक स्थापित नहीं हो पाई है।
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