मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस टीम ने डीएसपी को उनके कार्यालय में रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।
रिश्वत लेते ही पहुंच गई विजिलेंस टीम
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि डीएसपी उससे एक काम के बदले 30 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। इसके बाद आरोपी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के तहत निगरानी टीम मधुबनी स्थित ट्रैफिक डीएसपी के कार्यालय पहुंची। आरोप है कि जैसे ही डीएसपी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।
विजिलेंस को देखते ही जमीन पर गिरे डीएसपी
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान डीएसपी सुजीत कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर आया और वह कार्यालय में ही जमीन पर गिर पड़े। इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, निगरानी टीम ने अपनी कार्रवाई जारी रखी और कथित रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
रिश्वत की रकम बरामद, आगे की जांच जारी
निगरानी विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान 30 हजार रुपये बरामद करने की बात कही है। अधिकारियों द्वारा शिकायत और बरामद रकम से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाना है कि रिश्वत किस कार्य के बदले मांगी गई थी और मामले से कोई अन्य व्यक्ति जुड़ा है या नहीं।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई
बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वतखोरी की शिकायतों पर कार्रवाई कर रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 तक राज्य में 113 लोगों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।
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