Chintpurni. चिंतपूर्णी। विश्वविख्यात धार्मिक स्थल माता श्री चिंतपूर्णी जी के दरबार में रविवार की छुट्टी के चलते श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। माता के जयकारों से पूरी पावन घाटी गुंजायमान हो उठी। दूर-दराज से आए भक्तों में माता के दर्शनों को लेकर भारी उत्साह देखा गया, जिसके चलते सुबह तडक़े से ही मंदिर परिसर और मुख्य मार्गों पर भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। रविवार को लगभग 18000 से अधिक श्रद्धालुओं में मां की पावन पवित्र पिंडी के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त किए।रविवार सुबह करीब 9.30 बजे तक स्थिति यह हो गई कि श्रद्धालुओं की भारी तादाद के कारण माता के भवन तक जाने वाली कतारें डबल (दोहरी) करनी पड़ीं। यह कतारें मुख्य बाजार से होती हुई शेरे पंजाब माधो टिल्ला तक जा पहुंचीं। मौसम में थोड़ी ठंडक, गर्मी और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और भक्त कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। श्रद्धालु लाइन व्यवस्था को अपनाते हुए मां के दर्शन को जाते रहे और मां के जयकारे लगाते हुए पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में रंग दिया। राजस्थान गंगानगर से आए श्रद्धालु दंपति द्वारा दंडवत करते हुए मां के चरणों में अपने मनोकामना पूरी होने पर मां के दरबार पहुंचे। श्रद्धालु महिला पिंकी बब्बर ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी पोती एक गंभीर बीमारी होने पर पूरा परिवार बहुत ज्यादा परेशान था।
जिसके चलते मेरे बेटे और बहू ने माता श्री चिंतपूर्णी जी से प्रार्थना की थी और मां चिंतपूर्णी जी ने उनकी प्रार्थना को सुनते हुए हमें उस बीमारी से बाहर निकाला। आज हमारी पोती बिल्कुल स्वस्थ है आज रविवार को हम माता श्री चिंतपूर्णी जी के चरणों में अपने अरदास व मां का कोटि-कोटि धन्यवाद करने के लिए पहुंचे हैं। माता श्री चिंतपूर्णी जी के दरबार में आस्था, श्रद्धा और भक्ति के कारण हर चीज संभव है। उनका कहना है कि मन में विश्वास हो तो मां सब कुछ कर सकती है। भीड़ होने पर भी यह दंपति दंडवत करता हुआ मां के दरबार पहुंचा। भीड़ की इस भारी आमद को देखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए खुद उच्च अधिकारी जमीन पर उतरकर मोर्चा संभाले हुए हैं। पुराने बस स्टैंड जैसे व्यस्त और संवेदनशील पॉइंट पर व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए वित्त एवं लेखा अधिकारी राजेंद्र कटोच खुद मोर्चे पर डटे रहे। उन्होंने मौके पर मौजूद रहकर न सिर्फ यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करवाया, बल्कि श्रद्धालुओं की कतारों को भी व्यवस्थित रूप से आगे बढ़वाने में अहम भूमिका निभाई ताकि कहीं भी जाम या भगदड़ जैसी स्थिति पैदा न हो। तथा मौके पर तैनात होमगार्ड के जवानों व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर उचित दिशा निर्देश दिए। तो वहीं दूसरी तरफ मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर भी मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाने जुटे रहे। और लाइन व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मचारियों को तथा परिसर में साफ सफाई को लेकर निर्देश दिए गए। वहीं भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है और कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि सुरक्षा बनी रहे।