नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पोलैंड के एक वरिष्ठ मंत्री ने बड़ा दावा किया है। पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टोसजेव्स्की ने कहा है कि साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस को यूक्रेन युद्ध के दौरान सामरिक परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करने के लिए मनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
बार्टोसजेव्स्की ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को और बढ़ने से रोकने के प्रयासों में भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं, जिनकी बात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गंभीरता से सुनते हैं।
पोलैंड के मंत्री ने 2022 के आखिरी महीनों की घटनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय युद्ध के दौरान परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ गई थी। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।
उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि रूस के साथ भारत के दशकों पुराने संबंध नई दिल्ली को एक विशेष स्थान देते हैं। भारत अपने संबंधों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए कर सकता है।
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 में शुरू हुआ युद्ध लगातार वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। युद्ध के शुरुआती महीनों के बाद कई बार परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई थी। पश्चिमी देशों ने भी रूस के बयानों को लेकर चिंता जाहिर की थी।
भारत ने शुरुआत से ही रूस-यूक्रेन युद्ध को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि यह युद्ध का समय नहीं है और समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए।
पोलैंड के मंत्री ने भारत और रूस के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि नई दिल्ली के पास मॉस्को के साथ संवाद बनाए रखने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि रूस के साथ भारत के लंबे संबंधों के कारण भारत अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने भारत और पोलैंड के बीच हाल के संबंधों का भी जिक्र किया। रूसी तेल आयात को लेकर दोनों देशों के बीच जो मतभेद थे, उन्हें अब सुलझा लिया गया है। बार्टोसजेव्स्की ने कहा कि दोनों देश आपसी सहयोग और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
हालांकि, पोलैंड के मंत्री का यह दावा उनकी ओर से किया गया बयान है। इस संबंध में भारत सरकार या रूस की ओर से ऐसी किसी विशेष बातचीत या हस्तक्षेप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के बीच भारत की संतुलित कूटनीति को कई देश महत्व देते हैं। भारत लगातार सभी पक्षों के बीच संवाद और शांति की जरूरत पर जोर देता रहा है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियारों का मुद्दा सबसे संवेदनशील विषयों में से एक रहा है। ऐसे में पोलैंड के मंत्री का यह बयान वैश्विक कूटनीति में भारत की संभावित भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू कर सकता है।