NHRC ने की DCGI को नोटिस जारी

नोटिस

Update: 2025-10-06 14:25 GMT
New Delhi नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों के साथ-साथ दवाओं के नियामक केंद्रीय निकाय डीसीजीआई (Drugs Controller General of India) को नोटिस जारी किया है। यह कदम उन मौतों के मद्देनजर उठाया गया है, जिनका कथित रूप से खाँसी सिरप (cough syrup) के सेवन से संबंध बताया जा रहा है। आयोग ने इस मामले में त्वरित जांच और जवाबदेही की मांग की है। एनएचआरसी ने संबंधित राज्यों को निर्देश दिया है कि वे इन मौतों की गहन और त्वरित जांच कर अपनी रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करें। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि उन्हें यह जानकारी चाहिए कि किन बच्चों की जान गई, उन्हें कितनी मात्रा में दवा दी गई, कौन-सी दवाएँ इस्तेमाल हुई और क्या नियामक नियंत्रणों में कोई चूक हुई।
आयोग ने डीसीजीआई के साथ-साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, सीडीएससीओ (Central Drugs Standard Control Organisation) और डीजीएचएस (Directorate General of Health Services) को भी नोटिस में शामिल किया है। आयोग ने इन निकायों को निर्देश दिया कि नकली या अशुद्ध दवाओं की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं को द्रव्य नमूने जमा करने और परीक्षण रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया गया है। एनएचआरसी ने विशेष रूप से कहा है कि सभी राज्य दवा नियंत्रकों को तुरंत उन दवाओं को निषिद्ध करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, जो गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इस कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करना अनिवार्य है। आयोग ने इस मामले को “तत्काल आवश्यक हस्तक्षेप” के रूप में देखा है, क्योंकि बच्चों की मौतें मानवाधिकार, स्वास्थ्य सुरक्षा और मूल अधिकारों के उल्लंघन की गंभीर चेतावनी हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और विदिशा जिलों तथा राजस्थान के कुछ जिलों में बच्चों की मौतों का खाँसी सिरप से संबंध बताया जा रहा है। आयोग ने यह भी पूछा है कि क्या इन जिलों में पहले से ही ऐसे मामले दर्ज हैं और यदि हां तो उनकी ताजा स्थिति क्या है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह नोटिस नीति निर्माण और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत देता है। यह इस बात की जांच करेगा कि नियामक निकायों और राज्य सरकारों ने दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू किया या नहीं।
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