West Bengal : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव थाना क्षेत्र के बनगांव बटार मोड़ इलाके में रविवार सुबह 3 बजे लगी भीषण आग में नौ दुकानें जलकर राख हो गईं। आग की सूचना मिलते ही बनगांव अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं, लेकिन आग की भयावहता के कारण स्थिति पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हावड़ा और गोबरडांगा अग्निशमन विभाग को भी सूचना दी गई, जिसके बाद वहां से अतिरिक्त दमकलकर्मी और गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह करीब 3 बजे आग लगी और कुछ ही मिनटों में इसने भयानक रूप ले लिया।
आग पर काबू पाने में लगा समय
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सुबह छह बजे तक भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। आग की चपेट में आने वाली दुकानों में मुख्य रूप से बैग, कॉस्मेटिक और जूतों की दुकानें शामिल थीं, जो पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन दुकान मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। बनगांव अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, 'आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसे काबू करने में समय लगा। हमने हावड़ा और गोबरडांगा से अतिरिक्त मदद मांगी, जिसके बाद धीरे-धीरे स्थिति पर काबू पाया गया।'
अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बंद
आग बुझाने के बाद नगर निगम के सफाई और बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को सामान्य करने में जुट गए। बिजली विभाग ने इलाके की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से काट दी, ताकि आगे कोई हादसा न हो। प्रशासन ने प्रभावित दुकानदारों को सहायता का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। बनगांव पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है । स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मुआवजे और पुनर्वास की मांग की है। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बनगांव बटार मोड़ का यह इलाका व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है और यहां आग से बचाव के इंतजाम न होना लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। आग पर अब पूरी तरह से काबू पा लिया गया है, लेकिन प्रभावित दुकानदारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।