West Bengal पश्चिम बंगाल : साउथ 24 परगना जिले में गुरुवार को एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई, जिसमें TMC नेता सौकत मोल्ला के बेटे के स्वामित्व वाली जमीन पर बने एक कैफे को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई लंबे समय से जारी अवैध निर्माण के खिलाफ की गई, जिसमें बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद कोई सुधार नहीं किया गया था।
प्रशासनिक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कैनिंग इलाके में स्थित “अरनायर कुले” नाम का यह कैफे कथित तौर पर पूर्व TMC विधायक के बेटे इमरान मोल्ला द्वारा संचालित किया जा रहा था। जांच में यह सामने आया कि यह संरचना मतला नदी के किनारे (चार) की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाई गई थी। इसे पर्यावरणीय और भूमि उपयोग नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की गई।
अधिकारी ने कहा कि संबंधित परिवार को कई बार नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए कैफे को गिराने का निर्णय लिया।
यह कार्रवाई सुबह के समय भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में की गई। मौके पर बुलडोजर की मदद से कैफे को ध्वस्त किया गया। इस दौरान किसी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, लेकिन इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
प्रशासन का कहना है कि यह क्षेत्र मतला नदी के किनारे का संवेदनशील इलाका है, जहां किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण पर सख्त रोक है। नदी के चार (रेत के किनारे) पर निर्माण को पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन माना जाता है, क्योंकि इससे नदी के प्रवाह और पारिस्थितिकी पर असर पड़ सकता है।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक आधार पर नहीं, बल्कि पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। नियमों के अनुसार नोटिस, समय सीमा और चेतावनी के बाद ही अंतिम कार्रवाई की गई।
हालांकि, इस मामले पर TMC नेता सौकत मोल्ला और उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई बयान नहीं दिया गया।
स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कुछ लोगों का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है, जबकि कुछ का मानना है कि कार्रवाई सभी मामलों में समान रूप से होनी चाहिए।
इस घटना के बाद साउथ 24 परगना जिले में अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासन की निगरानी और तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य अवैध संरचनाओं पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है, जो न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। इस तरह की कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि नियमों का उल्लंघन करने पर किसी को भी छूट नहीं मिलेगी।
फिलहाल प्रशासन ने क्षेत्र में स्थिति को सामान्य बताया है और निगरानी बढ़ा दी गई है। मामले की आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।