Bangal बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता हुमायूं कबीर ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और पुलिस ने बिना सूचना दिए परिसर में प्रवेश किया। हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने कथित रूप से मारपीट की। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को आपराधिक अतिक्रमण बताते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के किसी परिसर में प्रवेश करना उचित प्रक्रिया का पालन नहीं है।
टीएमसी नेता ने कहा कि मौके पर ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं थी, जिसके कारण पुलिस को तुरंत इस तरह की कार्रवाई करनी पड़े। उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले को लेकर कोई शिकायत थी तो पहले संबंधित व्यक्ति को सूचना दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। हुमायूं कबीर ने कहा कि शिकायत या विवाद की स्थिति में पहले नोटिस जारी किया जाना चाहिए और संबंधित पक्ष को सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए।
टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाने के बजाय सीधे कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई शिकायत थी तो संबंधित व्यक्ति को नगर निगम कार्यालय या किसी अन्य निर्धारित स्थान पर बुलाकर सुनवाई की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से विवाद और बढ़ता है। हुमायूं कबीर के बयान के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। टीएमसी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और मामले में उचित प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।
वहीं, पुलिस की ओर से इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई को लेकर आगे की जानकारी दिए जाने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों और प्रशासन के बीच टकराव के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में टीएमसी नेता का यह बयान राज्य की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सभी की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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