बीरभूम अवैध खनन पर सुवेंदु का आरोप, 15 हजार करोड़ के नुकसान का दावा

Update: 2026-07-31 11:45 GMT

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बीरभूम जिले में कथित अवैध खनन और राजस्व नुकसान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि पिछले 15 वर्षों में जिले में करीब 15,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि इतना बड़ा नुकसान बिना तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के समर्थन या संरक्षण के संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि कई सरकारी विभाग या तो इस गतिविधि में शामिल थे या फिर उच्च स्तर से मिले निर्देशों के कारण उन्होंने कार्रवाई नहीं की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए आरोप

सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीरभूम जिले में कथित अवैध खनन और राजस्व हानि का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से पत्थर खनन से जुड़ी अनियमितताएं चल रही थीं।

उन्होंने कहा कि कई सरकारी विभागों की भूमिका इस मामले में सवालों के घेरे में है। अधिकारी के अनुसार, कुछ विभागों ने कथित गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं की और कुछ ने स्थिति को नजरअंदाज किया।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अवैध खनन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई

सुवेंदु अधिकारी के आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब पुलिस ने बीरभूम जिले में कथित अवैध खनन और राजस्व नुकसान से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है।

पुलिस ने फरार पत्थर व्यापारी टुल्लू मंडल के बीरभूम स्थित घर पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर 28.5 करोड़ रुपये नकद और करीब 15 किलो सोना बरामद किया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध खनन और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पत्थर कारोबार पर उठे सवाल

बीरभूम जिला लंबे समय से पत्थर खदानों और क्रशर उद्योग के लिए जाना जाता है। यहां पत्थर खनन से जुड़े कारोबार का बड़ा नेटवर्क है।

विपक्षी दलों का आरोप रहा है कि जिले में अवैध खनन और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लंबे समय से आती रही हैं। अब पुलिस कार्रवाई के बाद इस मुद्दे ने फिर से राजनीतिक रूप ले लिया है।

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि अवैध गतिविधियों के कारण सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हुआ।

सरकारी विभागों की भूमिका पर सवाल

अधिकारी ने कहा कि इतने लंबे समय तक कथित अवैध गतिविधियों का जारी रहना बिना प्रशासनिक सहयोग के संभव नहीं हो सकता।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई विभागों को इसकी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ अधिकारियों ने उच्च स्तर से मिले निर्देशों के कारण इस मामले में चुप्पी बनाए रखी।

विपक्ष के नेता ने मामले की विस्तृत जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

बरामदगी के बाद बढ़ी राजनीतिक गर्मी

टुल्लू मंडल के घर से कथित रूप से बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

विपक्ष ने इस कार्रवाई को अवैध खनन और उससे जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, जांच एजेंसियां बरामद संपत्ति के स्रोत और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

जांच एजेंसियां जुटा रही हैं जानकारी

पुलिस और संबंधित एजेंसियां अब इस मामले में आगे की जांच कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बरामद नकदी और सोने का स्रोत क्या है और क्या इसका संबंध किसी अवैध गतिविधि से है।

अधिकारियों की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी

बीरभूम में कथित अवैध खनन का मुद्दा अब राज्य की राजनीति में एक बड़ा विषय बन गया है। सुवेंदु अधिकारी ने जहां सीधे तौर पर पिछली TMC सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं इस मामले में जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और विपक्ष के आरोपों के बीच यह मामला चर्चा में बना हुआ है। आने वाले दिनों में जांच और राजनीतिक बयानबाजी के साथ इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

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