एसटीएफ ने पकड़ा विस्फोटकों और हथियारों का बड़ा जखीरा
एसटीएफ ने अवैध हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा पकड़ा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राज्य में अवैध हथियारों और विस्फोटकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। बीरभूम जिले के मुरारई थाना अंतर्गत बड़ाुआ गोपालपुर गांव में शुक्रवार तड़के विशेष अभियान चलाकर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पहचान मोहम्मद रेजा शेख और मुकेश सिंह के रूप में हुई है।
एसटीएफ की टीम ने गांव में अपराधियों के एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान एक हजार 150 जिलेटिन की छड़ें, 989 डेटोनेटर और 12 हजार मीटर डेटोनेटिंग कॉर्ड बरामद किए गए। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक किस उद्देश्य से जमा किए गए थे और इन्हें कहां से लाया गया था, इसकी जांच की जा रही है। इसके पीछे किसी विध्वंसक गतिविधि की योजना थी या नहीं, इस सवाल पर भी जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं।
इस संबंध में निर्धारित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, बरामद विस्फोटकों के संभावित इस्तेमाल और उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच स्पेशल टास्क फोर्स के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की ओर से की जा रही है।
दूसरी ओर, राज्य के विभिन्न हिस्सों में अवैध आग्नेयास्त्रों की बरामदगी के लिए भी एसटीएफ का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में तीन और पांच नवंबर को दो अलग-अलग अभियानों में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के पांडवेश्वर थाना क्षेत्र से कुल 21 अवैध आग्नेयास्त्र और 65 कारतूस बरामद किए गए।
इस कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार आरोपित शेख शाहजहां के अवैध कोयला कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इसी मामले की जांच के क्रम में खैरुल आलम और मोहम्मद समशेर नामक दो अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से कुल 17 अवैध आग्नेयास्त्र और 57 कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अवैध हथियारों और विस्फोटकों के भंडारण तथा उनकी आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध हथियारों और विस्फोटकों के खिलाफ इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा।