सौगत रॉय का सपा पर बड़ा हमला, “गद्दार” बयान से मचा हंगामा

Update: 2026-06-16 15:39 GMT

WestBengal:टीएमसी में बगावत पर सौगत रॉय का बड़ा हमला, बागी सांसदों को बताया ‘गद्दारों का समूह’, बंगाल की राजनीति गरमाई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने पार्टी से अलग होकर एनसीपीआई (NCPI) में विलय करने वाले बागी सांसदों पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने इन सांसदों को “गद्दारों का समूह” करार देते हुए कहा कि असली तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं और पार्टी अपनी विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ी है। इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

बागी गुट पर तीखा हमला

सौगत रॉय ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत एनडीए के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा बागी समूह राजनीतिक लाभ के लिए अलग हुआ है और अब केंद्र की सत्ता से जुड़ी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

‘दो टीमों’ की बताई राजनीति

टीएमसी सांसद ने कहा कि आज की स्थिति में दो तरह की टीमें हैं—एक तृणमूल कांग्रेस की टीम और दूसरी “गद्दारों की टीम”। उन्होंने कहा कि टीएमसी का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं और पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, जबकि बागी गुट एनडीए के साथ खड़ा है।

चुनाव चिह्न और राजनीतिक पहचान पर टिप्पणी

सौगत रॉय ने कहा कि टीएमसी का चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ जनता की पसंद का प्रतीक है, जबकि बागी गुट का संबंध अलग राजनीतिक पहचान से है। उन्होंने कहा कि यह विभाजन स्पष्ट रूप से दिखाता है कि कौन पार्टी के साथ है और कौन उसके खिलाफ।

चुनावी प्रदर्शन पर भी दिया बयान

उन्होंने दावा किया कि हाल के चुनावों में तमाम कथित दबावों और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों के बावजूद टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में करीब 41 प्रतिशत वोट हासिल किए। उनके अनुसार, यह जनता के समर्थन को दर्शाता है।

एनसीपीआई में विलय पर सवाल

बागी सांसदों द्वारा एनसीपीआई में विलय के फैसले पर भी सौगत रॉय ने सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि एनसीपीआई वर्ष 2023 में पंजीकृत एक राजनीतिक दल है और इस कदम को उन्होंने राजनीतिक रूप से गलत बताया।

बंगाल की राजनीति में बढ़ी गर्मी

इस पूरे विवाद के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। टीएमसी और बागी गुट के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने की संभावना है।

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