West Bengal में SIR के दूसरे चरण की तैयारी पूरी: सीईओ मनोज अग्रवाल

Update: 2025-10-28 14:35 GMT
Kolkata कोलकाता। पश्चिम बंगाल में Systematic Identification and Revision (SIR) के दूसरे चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस बार की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक व्यापक और सटीक होगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की पूरी मशीनरी सक्रिय है और यह चरण राज्यभर में बड़े पैमाने पर संचालित किया जाएगा। कोलकाता में मीडिया से बातचीत में सीईओ अग्रवाल ने कहा, “हमारे पास बहुत बड़ी प्रशासनिक मशीनरी है, जो राज्य के हर जिले और बूथ स्तर तक इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक लागू करेगी। दूसरा चरण व्यापक स्तर पर चलेगा और इसमें मतदाता सूची से संबंधित हर बारीकी पर ध्यान दिया जाएगा।”
SIR प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की वह कवायद है, जिसके तहत मतदाता सूची की पुनरीक्षा की जाती है, नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है और मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण के तहत राज्य के सभी 23 जिलों में बूथ स्तर के अधिकारी (BLOs) को नियुक्त किया गया है, जो घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। मनोज अग्रवाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने इस बार डिजिटल साधनों का उपयोग भी बढ़ाया है। Voter Helpline App और NVSP पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने नाम, पते और अन्य विवरण में सुधार या पंजीकरण कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं, विशेषकर पहली बार वोट डालने वालों के लिए यह प्रक्रिया सरल और सुलभ बनाई गई है।
सीईओ ने यह भी कहा कि SIR के दूसरे चरण के दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। “निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है,” उन्होंने कहा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में प्राप्त फीडबैक के आधार पर आयोग ने कई सुधार किए हैं। अब डेटा वेरिफिकेशन के दौरान डुप्लीकेट प्रविष्टियों को ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर से क्रॉस-चेक किया जाएगा, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना न्यूनतम रहे।
अग्रवाल ने कहा, “यह सिर्फ तकनीकी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। हमारा लक्ष्य है कि आगामी चुनावों से पहले राज्य की मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित हो। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण की प्रक्रिया नवंबर के अंत तक पूरी कर ली जाएगी, और अंतिम मतदाता सूची दिसंबर में प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि वे अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से इस प्रक्रिया में सहयोग करें और नागरिकों को जागरूक बनाएं।
विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल जैसे बड़े और घनी आबादी वाले राज्य में मतदाता सूची का अद्यतन कार्य चुनावी निष्पक्षता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। SIR के माध्यम से आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो और किसी को भी मतदान के अधिकार से वंचित न रहना पड़े।
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