कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। सोमवार, 19 अक्टूबर को महाअष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कोंटाई स्थित अपने आवास पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सनातन धर्म में आस्था रखते हैं और हर साल महाअष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं।महाअष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि मां दुर्गा की आराधना भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वह वर्षों से इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं और इस वर्ष भी उन्होंने देवी मां के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित कर सभी के मंगलमय जीवन की कामना की।
'मैं सनातनी हूं, हर साल करता हूं पुष्पांजलि अर्पित'
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "मैं एक सनातनी हूं और हर साल पुष्पांजलि अर्पित करता हूं। हर हिंदू को मां के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित करनी चाहिए। मैंने सभी की भलाई के लिए प्रार्थना की।"मुख्यमंत्री ने अपनी धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहने की बात कही। उन्होंने इस अवसर पर मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और लोगों के सुखद भविष्य की कामना की।महाअष्टमी पर सुवेंदु अधिकारी कोंटाई के नांदनिक क्लब के दुर्गा पूजा आयोजन में भी पहुंचे। वह इस पूजा समिति के अध्यक्ष हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था का उल्लेख किया।
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा सबसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है। इस दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में भव्य पूजा पंडाल स्थापित किए जाते हैं। श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन करते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।महाअष्टमी को दुर्गा पूजा का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु उपवास रखते हैं, पुष्पांजलि अर्पित करते हैं और देवी मां से अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक हैं। महाअष्टमी के दिन देवी के महागौरी स्वरूप की पूजा का भी विशेष महत्व है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुर्गा अष्टमी और महानवमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति, सफलता और कल्याण की प्रार्थना की।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, "सभी देशवासियों को महानवमी की ढेरों शुभकामनाएं। इस पावन अवसर पर मां सिद्धिदात्री के चरणों में मेरा कोटि-कोटि प्रणाम! वे अपने सभी भक्तों को संकल्प की सिद्धि का आशीर्वाद दें, यही कामना है।
भारत के प्रधानमंत्री
महाअष्टमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल में पुष्पांजलि, संधि पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व रहता है। बंगाल की दुर्गा पूजा परंपरा में इस दिन श्रद्धालु सुबह से ही पूजा पंडालों और मंदिरों में पहुंचकर देवी मां की आराधना करते हैं।इस वर्ष महाअष्टमी 19 अक्टूबर को मनाई जा रही है। अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद महानवमी तिथि प्रारंभ हो रही है। धार्मिक पंचांग के अनुसार, श्रद्धालु अपनी स्थानीय परंपराओं के अनुरूप पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
सभी के कल्याण की कामना
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने पूजा कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना करने की बात कही। उन्होंने धार्मिक आस्था को व्यक्तिगत जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।महाअष्टमी का पर्व शक्ति की आराधना के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। पश्चिम बंगाल में यह उत्सव परिवारों, समुदायों और श्रद्धालुओं को एक साथ आने का अवसर प्रदान करता है।मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुभकामना संदेशों में भी लोगों के कल्याण, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना प्रमुख रही।
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