77वें गणतंत्र दिवस पर लोक भवन तिरंगे की रोशनी से जगमगाया, उत्सव का माहौल रहा उत्साही
Kolkata कोलकाता: 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल की राजधानी में लोक भवन को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया। शाम होते ही पूरे भवन और आसपास के क्षेत्र में हरियाली और रोशनी का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने नागरिकों में गणतंत्र दिवस का उत्साह और patriotism और बढ़ा दिया। लोक भवन की सजावट में विशेष लाइटिंग और फेस्टिवल लुक तैयार किया गया, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों—केसरिया, सफेद और हरा—को मुख्य रूप से उजागर किया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में तिरंगे की झलक दिखाने वाले कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रशासन ने भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए, ताकि नागरिक बिना किसी बाधा के इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले सकें।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मिलकर सभी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्थाओं का ध्यान रखा। परिवार और बच्चे विशेष रूप से इस आयोजन में शामिल हुए, जिन्होंने तिरंगे की रोशनी के साथ फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए। नागरिकों ने इस अवसर को अपने बच्चों के लिए देशभक्ति और भारतीय संस्कृति का अनुभव बनाने वाला बताया। स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने गणतंत्र दिवस के गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। यह कार्यक्रम शाम के समय आयोजित किया गया, ताकि लोग दिन के थकान के बाद इस विशेष सजावट और रोशनी का आनंद ले सकें। प्रशासन ने भवन की सजावट के साथ-साथ आसपास के पार्क और स्ट्रीट लाइटिंग को भी तिरंगे के रंगों से सजाया, जिससे पूरे इलाके में उत्सव का रंगीन और जीवंत माहौल बना रहा।
इस अवसर पर नागरिकों ने कहा कि लोक भवन की रोशनी और सजावट ने गणतंत्र दिवस की गरिमा और महत्व को और बढ़ा दिया है। यह आयोजन न केवल शहरवासियों के लिए बल्कि बाहर से आए पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया। नागरिकों ने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन देशभक्ति की भावना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस मौके पर विशेष रूप से बताया कि तिरंगे की रोशनी से सजाने का उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव और गणतंत्र दिवस की परंपरा को जीवंत बनाना है। इस आयोजन में शहर के विभिन्न सरकारी अधिकारी, नागरिक और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
गणतंत्र दिवस की इस भव्य सजावट ने शहरवासियों को प्रेरित किया कि वे अपने बच्चों और युवाओं को देशभक्ति, नैतिकता और भारतीय लोकतंत्र की महत्ता का अनुभव कराएं। इस तरह की पहल से न केवल पर्व का महत्व बढ़ता है, बल्कि समाज में राष्ट्रीय चेतना और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है।