West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार को बड़े कैबिनेट विस्तार की तैयारी की गई है। इस दौरान कुल 35 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के लोक भवन में आयोजित किया जाएगा, जहां राज्यपाल आर. एन. रवि सुबह 11 बजे नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार शाम को सोशल मीडिया पर इस संबंध में जानकारी साझा की। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह विस्तार राज्य की जनता द्वारा चुनी गई सरकार को और मजबूत करेगा। उन्होंने इसे एक “राष्ट्रवादी सरकार” के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि पूरी मंत्रिपरिषद का गठन इस विस्तार के साथ पूरा हो जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी ने अपने बयान में कहा, “कल, पश्चिम बंगाल के लोगों द्वारा चुनी गई राष्ट्रवादी सरकार की पूरी मंत्रिपरिषद बनाई जाएगी।” उन्होंने आगे बताया कि कैबिनेट विस्तार के तहत 35 मंत्री लोक भवन में सुबह 11 बजे शपथ लेंगे। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि राज्यपाल आर. एन. रवि इन सभी मंत्रियों को पद की शपथ दिलाएंगे।
यह शपथ ग्रहण समारोह मुख्यमंत्री के 9 मई को पद संभालने के लगभग तीन सप्ताह बाद आयोजित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस विस्तार के जरिए सरकार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न विभागों में कार्य गति बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है।
सूत्रों के अनुसार इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी भी संभावित है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व तथा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। हालांकि आधिकारिक सूची की पुष्टि समारोह से पहले की जाएगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार राज्य में नई सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और प्रशासनिक संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 35 मंत्रियों का एक साथ शपथ ग्रहण राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
लोक भवन में आयोजित होने वाले इस समारोह को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष तैयारी की है।
इस बड़े शपथ ग्रहण समारोह के साथ पश्चिम बंगाल की नई सरकार का मंत्रिमंडल पूरी तरह आकार ले लेगा, जिससे राज्य में शासन और विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।