कोलकाता: फुटपाथ मुक्त करने की तैयारी

Update: 2026-06-28 13:53 GMT

पश्चिम बंगाल: कोलकाता में फुटपाथों और सड़कों से हॉकरों को हटाने के अभियान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद दिलीप घोष ने बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि जल्द ही कोलकाता के फुटपाथ पूरी तरह हॉकरों से मुक्त हो जाएंगे और आम लोगों को पैदल चलने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी।

दिलीप घोष ने कहा कि फुटपाथ मूल रूप से नागरिकों के सुरक्षित आवागमन के लिए होते हैं, न कि स्थायी व्यापारिक बाजार लगाने के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से राजनीतिक संरक्षण के कारण कोलकाता के प्रमुख बाजार क्षेत्रों जैसे गरियाहाट, हाथीबागान और न्यू मार्केट में फुटपाथ पर अवैध कब्जा बढ़ा है, जिससे पैदल चलने वालों को भारी परेशानी होती है और कई जगह दुर्घटनाएं भी होती हैं।

भाजपा नेता ने इस मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि फुटपाथों को खाली कराने का अभियान सफल बनाना है तो इसके पीछे मौजूद कथित सिंडिकेट और अवैध वसूली नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई जरूरी है। उनके अनुसार, केवल हॉकरों को हटाना समाधान नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम को ठीक करना होगा।

दिलीप घोष ने यह भी कहा कि सरकार को गरीब हॉकरों के पुनर्वास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि वास्तविक रूप से अपनी आजीविका के लिए सड़क किनारे काम करने वाले हॉकरों को चिन्हित कर उन्हें निर्धारित हॉकर जोन में जगह दी जानी चाहिए, ताकि उनकी रोजी-रोटी पर असर न पड़े।

इस बीच कोलकाता नगर निगम (KMC) और पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध स्टॉल और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से हॉकर यूनियनों में नाराजगी देखने को मिल रही है और कई जगह विरोध भी सामने आया है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह अभियान शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और पैदल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। हालांकि, इस पूरे मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

कोलकाता में जारी यह हॉकर ड्राइव आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक रूप से गर्म होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।

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