बढ़ती कीमतों पर कोलकाता पुलिस का एक्शन, कई बाजारों में ईबी की 10 टीमों ने की छापेमारी
कोलकाता। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच कोलकाता पुलिस की एनफोर्समेंट ब्रांच (ईबी) ने मंगलवार सुबह शहर के कई प्रमुख बाजारों में एक साथ अभियान चलाया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद की गई। अभियान का उद्देश्य बाजार में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, उनकी कीमतों और संभावित जमाखोरी की स्थिति की जांच करना था।
ईबी की करीब 10 टीमों ने शहर के अलग-अलग बाजारों में पहुंचकर दुकानदारों और कारोबारियों से जानकारी ली। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि कहीं व्यापारी जरूरी सामान का कृत्रिम अभाव पैदा कर कीमतें बढ़ाने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा ग्राहकों से निर्धारित या सामान्य बाजार भाव से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को भी जांच के दायरे में रखा गया।
श्यामबाजार से गड़िया तक चला अभियान
मंगलवार सुबह ईबी की टीमों ने श्यामबाजार, मानिकतल्ला मार्केट, कोले मार्केट, गड़िया बाजार और जदूबाबू बाजार समेत कई इलाकों में निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अलग-अलग दुकानों पर जाकर रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों और स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली।
अभियान के दौरान दुकानदारों से उपलब्ध सामान की मात्रा और बिक्री दर के बारे में पूछा गया। अधिकारियों ने यह भी पता लगाने का प्रयास किया कि बाजार में किसी आवश्यक वस्तु की कमी तो नहीं है और यदि कमी है तो उसके पीछे वास्तविक आपूर्ति समस्या है या जानबूझकर स्टॉक रोका जा रहा है।
जमाखोरी और अधिक कीमत वसूली पर नजर
बाजारों में जांच के दौरान ईबी की टीमों ने यह देखने पर विशेष जोर दिया कि कहीं व्यापारी जमाखोरी तो नहीं कर रहे हैं। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन की चिंता इस बात को लेकर है कि मांग और आपूर्ति की स्थिति का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी कृत्रिम रूप से कीमतें न बढ़ाएं।
इसके साथ ही दुकानों पर ग्राहकों से सामान के लिए वसूली जा रही कीमतों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बाजार में वास्तविक बिक्री मूल्य और उपलब्ध स्टॉक के संबंध में जानकारी जुटाई।
जरूरी वस्तुओं की कीमतों में अचानक वृद्धि होने पर आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में बाजारों की निगरानी को कीमतों पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चीनी की बढ़ती कीमत बनी चिंता
मौजूदा समय में चीनी की कीमतों में तेजी सरकार के लिए प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को राज्य सचिवालय नवान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि सरकार चीनी की कीमत को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रही है।
बताया गया कि बाजार में चीनी की कीमत 65 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गई है। चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु की कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बाजारों में पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है। ईबी की कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
कारोबारियों के स्टॉक की भी जांच
ईबी की टीमों ने दुकानों पर जाकर यह भी देखा कि आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है या नहीं। किसी वस्तु की उपलब्धता कम होने की स्थिति में उसके कारणों को समझने की कोशिश की गई।
बाजार में सामान्य आपूर्ति बनी रहे, इसके लिए स्टॉक की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। यदि किसी कारोबारी द्वारा जानबूझकर बड़ी मात्रा में सामान रोककर रखा जाता है तो इससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है और कीमतें और बढ़ सकती हैं।
इसी संभावना को देखते हुए टीमों ने अलग-अलग बाजारों में कारोबारियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश
बढ़ती महंगाई के बीच बाजार की निगरानी का सबसे बड़ा उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को राहत देना है। खाद्य और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ता है।
सरकार की कोशिश है कि बाजार में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और किसी भी स्तर पर अनावश्यक मूल्य वृद्धि या जमाखोरी को रोका जा सके।
ईबी की कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में बाजारों में कीमतों और स्टॉक की स्थिति पर निगरानी और बढ़ने की संभावना है।
अचानक जांच से कारोबारियों में हलचल
मंगलवार सुबह कई बाजारों में एक साथ ईबी की टीमों के पहुंचने से कारोबारियों के बीच भी हलचल रही। अलग-अलग दुकानों पर अधिकारियों ने आवश्यक वस्तुओं से जुड़े सवाल किए और बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने की कोशिश की।
अभियान के दौरान अधिकारियों का मुख्य ध्यान आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और उनकी कीमतों पर रहा। साथ ही यह भी देखा गया कि कहीं बाजार में मांग-आपूर्ति का अनुचित लाभ उठाकर ग्राहकों से अधिक राशि तो नहीं ली जा रही।
आगे भी जारी रह सकती है निगरानी
बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की सक्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि बाजारों में निरीक्षण का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। विशेष रूप से चीनी समेत उन वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखी जा सकती है, जिनके दाम हाल के दिनों में तेजी से बढ़े हैं।
मंगलवार की कार्रवाई ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकार जरूरी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को लेकर बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। ईबी की 10 टीमों द्वारा कोलकाता के प्रमुख बाजारों में की गई जांच का उद्देश्य जमाखोरी, कृत्रिम कमी और ग्राहकों से अधिक कीमत वसूले जाने की संभावनाओं पर अंकुश लगाना है।