Kolkata कोलकाता:करके सीख रहा है! चुनाव आयोग करके सीख रहा है! आयोग नदिया के कालीगंज समेत देश के पांच विधानसभा क्षेत्रों में हाल ही में हुए उपचुनावों को अगले साल बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के मॉडल के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक कालीगंज उपचुनाव में वेबकास्टिंग निगरानी के लिए हर बूथ के बाहर कैमरे लगाए गए थे। मतदान से पहले वेबकास्टिंग के तीन कैमरे चोरी हो गए। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने इस घटना में नदिया के जिला मजिस्ट्रेट को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक निगरानी के लिए बूथ के बाहर ये कैमरे लगाए गए थे। कैमरों की चोरी तीन बूथों के बाहर हुई। ये बूथ नंबर 1, 80 और 108 हैं। आयोग भविष्य में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए जिला पुलिस और प्रशासन के साथ चर्चा करेगा और रूपरेखा तैयार करेगा।
इसीलिए आयोग के अधिकारी इस बार मतदान के साइलेंस पीरियड से पहले बूथों पर पुलिस निगरानी शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। सीईओ कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यदि ऐसा नहीं हो पाया तो मतदान के दौरान बूथों के बाहर निगरानी के लिए लगाए गए वेबकास्टिंग कैमरों की चोरी का सिलसिला नहीं रुक पाएगा। सूत्रों के अनुसार, बूथों की संख्या एक लाख से अधिक होने की उम्मीद है, क्योंकि आयोग ने घोषणा की है कि अगले विधानसभा चुनाव में प्रत्येक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाताओं को अनुमति नहीं दी जा सकती। पिछले लोकसभा चुनाव में प्रति बूथ मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1500 थी। इसलिए, राज्य विधानसभा चुनाव में सभी बूथों के अंदर और बाहर वेबकास्ट करने के लिए बड़ी संख्या में निगरानी कैमरों की आवश्यकता होगी। ठेकेदार को इन्हें लगाने में निश्चित रूप से कुछ और समय लगेगा। कैमरा चोरी जैसी घटनाएं न हों, इसके लिए पहले से ही निगरानी व्यवस्था करनी होगी, यानी कैमरे लगने शुरू होते ही चोरों से बचाने के लिए निगरानी व्यवस्था करनी होगी। इस कारण माना जा रहा है कि बूथों पर पहले से ही अतिरिक्त पुलिस तैनात करनी होगी।