Kolkata कोलकाता : कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पश्चिम बंगाल इकाई को पूर्वी बर्दवान जिले में जनसभा आयोजित करने की अनुमति दे दी, लेकिन ध्वनि सीमा शर्त के साथ। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस सभा को संबोधित करने वाले हैं।
सभा की अनुमति नहीं मिलने के बाद आरएसएस की राज्य इकाई ने न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की एकल पीठ का दरवाजा खटखटाया। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति सिन्हा ने आरएसएस को एक शर्त के साथ सभा आयोजित करने की अनुमति दी। सभा के लिए ध्वनि सीमा तय करते हुए न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि बैठक आयोजित करते समय पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
राज्य सरकार ने यह कहते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया कि चूंकि पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीएसई) द्वारा आयोजित माध्यमिक परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध हैं।
राज्य सरकार के तर्क को चुनौती देते हुए आरएसएस के वकील ने अदालत में दलील दी कि बैठक स्थल के दो किलोमीटर के दायरे में कोई शैक्षणिक संस्थान नहीं है। आरएसएस के वकील ने दलील दी कि राज्य सरकार का तर्क है कि माइक्रोफोन के इस्तेमाल से परीक्षार्थियों को असुविधा होगी, जो अस्वीकार्य है, क्योंकि बैठक स्थल के पास शायद ही कोई आवासीय सुविधा है। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि सुबह 11 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक सिर्फ 75 मिनट की अवधि के लिए बैठक का आयोजन विशाल स्थल के भीतर सीमित स्थान पर किया जाएगा। अपने प्रतिवाद में राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि उस इलाके में तीन स्कूल हैं और नियम के अनुसार परीक्षा से तीन दिन पहले से लेकर परीक्षा के आखिरी दिन तक माइक्रोफोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि अगर ध्वनि बाहर तक नहीं पहुंचती है तो बैठक आयोजित की जा सकती है और इसके लिए डब्ल्यूबीपीसीबी द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करना होगा। (आईएएनएस)
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