Kharagpur खड़गपुर: सदर से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फॉर्म 6 के माध्यम से वोटर एनरोलमेंट संबंधी दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की मानसिक स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है, और इसी वजह से वह भाजपा का विरोध कर रही हैं।
दिलीप घोष ने कहा, “चुनाव आयोग देश में चुनाव करवा रहा है। 2011 में भी चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव इसलिए कराया था क्योंकि उस समय CPI(M) का अत्याचार था। आज ममता बनर्जी को यह डर है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए वह चुनाव आयोग पर दबाव डाल रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि ममता ने चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं होने के कारण कोर्ट का रुख किया है, और अब सब कुछ कोर्ट के हाथ में है। घोष ने सवाल उठाया कि “अब भरोसा कोर्ट पर करें या चुनाव आयोग पर करें? जिसका खुद पर भरोसा ही टूट जाता है, वह क्या करे?”
भाजपा उम्मीदवार ने यह भी जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने ममता बनर्जी की कार्रवाई को राजनीतिक दुरुपयोग और भय से प्रेरित बताया।
दिलीप घोष की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी बढ़ रही है और मतदाता सूची और वोटर एनरोलमेंट पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है, और दोनों पार्टियां अपने-अपने राजनीतिक संदेशों के साथ जनता तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं।