कोलकाता। नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी बहस और छात्र आंदोलनों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कई सेलिब्रिटीज, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, खेल और फिल्म जगत की हस्तियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी सार्वजनिक हस्ती को समर्थन देने से पहले यह जरूर विचार करें कि मुश्किल समय में वह जनता और छात्रों के साथ खड़े होते हैं या नहीं।
अभिषेक बनर्जी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के दौरान कई प्रसिद्ध हस्तियों ने छात्रों के पक्ष में आवाज उठाने के बजाय चुप रहना चुना। उन्होंने कहा कि यह चुप्पी किसी डर, सावधानी या निजी हित के कारण हो सकती है, लेकिन इसका भी एक संदेश होता है।
उन्होंने खास तौर पर मिलेनियल्स और जेनरेशन जेड से अपील करते हुए कहा कि युवाओं को यह समझना चाहिए कि वे किन लोगों को अपना समर्थन दे रहे हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि किसी सेलिब्रिटी को फॉलो करना, उसकी फिल्म देखना, मैच का टिकट खरीदना या किसी कंटेंट क्रिएटर की सदस्यता लेना जनता का अपना फैसला होता है। ऐसे में लोगों को यह भी देखना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति समाज और जनहित के मुद्दों पर किस तरह का रुख अपनाता है।
टीएमसी नेता ने कहा कि सार्वजनिक हस्तियों को प्रसिद्धि उनके दर्शकों से मिलती है, प्रभाव जनता के भरोसे से मिलता है और उनकी लोकप्रियता युवाओं के समर्थन से बनी रहती है। इसलिए जब समाज किसी गंभीर समस्या से गुजर रहा हो, तब बड़ी हस्तियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे अपनी आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि इतिहास में कई ऐसे मौके आते हैं जब लोगों को साहस के साथ अपनी बात रखनी होती है। ऐसे समय में चुप रहना भी एक तरह का निर्णय होता है। अभिषेक बनर्जी की यह टिप्पणी नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं को लेकर देशभर में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है।
नीट पेपर लीक विवाद ने देश की परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं और इससे पूरी परीक्षा प्रणाली पर भरोसा प्रभावित होता है।
इस विवाद के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों को लेकर कई कदम उठाने की बात कही है। वहीं, राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में अभिषेक बनर्जी ने अब सेलिब्रिटीज और प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर बहस शुरू कर दी है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति का समर्थन केवल उसकी लोकप्रियता या प्रसिद्धि के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि वह समाज के जरूरी मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी निभाता है या नहीं।
गौरतलब है कि नीट-यूजी विवाद के बीच परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। सरकार की ओर से भी परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाने की बात कही गई है।
अभिषेक बनर्जी के बयान के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का हिस्सा बन गया है। जहां कुछ लोग उनके बयान को छात्रों के समर्थन में उठाई गई आवाज बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना है।