Abhishek Banerjee का BJP पर हमला, बंगाल में SIR के नाम पर फैलाया जा रहा भ्रम
BANGAL बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में चल रही सिस्टमेटिक इन्क्वायरी ऑफ़ रजिस्ट्रेशन (SIR) प्रक्रिया का मकसद मतदाताओं में भ्रम फैलाना और राज्य की छवि को धूमिल करना है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “भाजपा नेता एक जानबूझकर बनाई गई कहानी फैला रहे हैं कि बंगाल में बांग्लादेशी और रोहिंग्या रह रहे हैं। यह झूठ है। मैं पूछना चाहता हूं — ये रोहिंग्या अचानक कहां से आ गए? कोई भी अचानक नहीं आया। यह सब एक राजनीतिक साजिश है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि SIR प्रक्रिया वास्तव में जनसांख्यिकीय संतुलन या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है, तो इसे केवल पश्चिम बंगाल में ही क्यों लागू किया जा रहा है? उन्होंने कहा, “नगालैंड, मिजोरम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में तो यह प्रक्रिया नहीं चल रही। फिर सिर्फ बंगाल को ही क्यों चुना गया? जवाब साफ है — भाजपा बंगाल के लोगों में डर और अविश्वास का माहौल बनाना चाहती है। टीएमसी सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों के साथ खिलवाड़ न करे। उन्होंने कहा, “हमने हमेशा साफ कहा है कि बंगाल में रहने वाला हर नागरिक सम्मान और अधिकार का हकदार है। भाजपा वोट बैंक की राजनीति कर रही है और लोगों को धर्म व जाति के आधार पर बांटने का काम कर रही है।”
बनर्जी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस किसी भी स्थिति में genuine मतदाताओं के अधिकारों का हनन नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा की राजनीति अब डर, नफरत और अफवाह पर आधारित हो गई है। उन्होंने कहा, “वे जानते हैं कि बंगाल की जनता ने उन्हें नकार दिया है, इसलिए अब भ्रम फैलाकर जनता को भड़काने की कोशिश की जा रही है। लेकिन बंगाल की जनता बहुत समझदार है — वे नफरत की राजनीति को अस्वीकार करती रहेगी।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर ब्लॉक और जिले में जाकर लोगों को SIR प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी दें, ताकि कोई भ्रम की स्थिति न बने। टीएमसी नेता ने यह भी कहा कि राज्य सरकार केंद्र से लगातार आग्रह कर रही है कि वह इस प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी नागरिक के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।