काशीपुर। साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक युवती को अमेजन कंपनी में नौकरी दिलाने और क्रिप्टो कंपनी में निवेश के नाम पर लाखों रुपये का चूना लगा दिया। जालसाजों ने टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने और ज्यादा मुनाफे का लालच देकर युवती से करीब 28.5 लाख रुपये ठग लिए।
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़िता के अनुसार, जून 2026 में उसके टेलीग्राम नंबर पर एक अज्ञात लिंक आया था। लिंक के माध्यम से उसे बताया गया कि ‘काइनबेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी की ओर से उसे अमेजन कंपनी में नौकरी का अवसर दिया जा रहा है।
ठगों ने युवती को विश्वास दिलाया कि नौकरी पाने के लिए उसे कुछ ऑनलाइन टास्क पूरे करने होंगे। इन टास्क को पूरा करने पर उसे अच्छा खासा मुनाफा मिलेगा। शुरुआत में ठगों ने कुछ छोटे टास्क देकर युवती का भरोसा जीत लिया।
पीड़िता ने बताया कि शुरुआत में टास्क पूरा करने के बाद उसे कुछ रकम वापस भी दिखाई गई, जिससे उसे लगा कि यह प्रक्रिया वास्तविक है। इसके बाद साइबर ठगों ने उसे ज्यादा पैसे लगाने और बड़े मुनाफे का लालच देना शुरू कर दिया।
ठगों के झांसे में आकर युवती ने अलग-अलग समय पर बड़ी रकम जमा कर दी। जालसाजों ने उसे क्रिप्टो निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर भी पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे युवती से कुल 28.5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
जब युवती ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो ठगों ने कई तरह के बहाने बनाना शुरू कर दिया। कभी टैक्स तो कभी प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया।
इसके बाद पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ। उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी और साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठगी के मामलों में जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जाती है। इसी आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, निजी जानकारी साझा करने या बिना जांच-पड़ताल के पैसे ट्रांसफर करने से बचना चाहिए।
अक्सर साइबर अपराधी बड़ी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेते हैं। वे टेलीग्राम, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क कर ऑनलाइन टास्क, पार्ट टाइम जॉब और निवेश के नाम पर ठगी करते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन कमाई, नौकरी या कम समय में ज्यादा मुनाफे का दावा किया जाता है तो पहले उसकी सत्यता जांच लें।
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि ठगी में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या संबंधित थाने में दें।