मुरादाबाद। टांडा मोड़ क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां शिव मंदिर से दर्शन कर घर लौट रही एक महिला को हाइड्रा वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका की पहचान रामदुलारी यादव पत्नी सुनील यादव निवासी मोहल्ला टांडा उज्जैन के रूप में हुई है। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रोज की तरह पूजा करने गई थीं महिला
जानकारी के अनुसार, रामदुलारी यादव रोज की तरह टांडा मोड़ स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई थीं। पूजा करने के बाद वह अपने घर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार हाइड्रा वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि महिला गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने हादसा देखकर तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लिया।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय हाइड्रा वाहन की गति कितनी थी और चालक की कोई लापरवाही सामने आई या नहीं।
परिवार में मचा कोहराम
रामदुलारी यादव की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार, वह नियमित रूप से मंदिर जाकर पूजा करती थीं। रोज की तरह वह भगवान के दर्शन के लिए गई थीं, लेकिन घर लौटते समय दर्दनाक हादसे का शिकार हो गईं।
मृतका के परिवार और रिश्तेदारों को घटना की जानकारी दी गई है। हादसे के बाद मोहल्ले में भी शोक का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही रहती है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि सड़क पर भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके अलावा मंदिर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की भी जरूरत बताई गई है।
लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास बड़ी संख्या में लोग पैदल आते-जाते हैं, ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
पुलिस कर रही चालक की तलाश
पुलिस ने हादसे के बाद हाइड्रा वाहन और चालक के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। वाहन चालक की भूमिका की जांच की जा रही है।
यदि जांच में चालक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, जिससे हादसे की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
सड़क हादसों को लेकर बढ़ी चिंता
देशभर में सड़क हादसे बड़ी समस्या बने हुए हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और भारी वाहनों की आवाजाही कई बार लोगों की जान पर भारी पड़ जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। खासकर भारी वाहनों के चालकों को सड़क पर पैदल चलने वालों और छोटे वाहनों का ध्यान रखना जरूरी होता है।
वहीं, प्रशासन को भी ऐसे स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की जरूरत होती है, जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है।
मंदिर मार्गों पर सुरक्षा जरूरी
धार्मिक स्थलों के आसपास अक्सर बुजुर्ग और महिलाएं पैदल दर्शन के लिए आती-जाती हैं। ऐसे क्षेत्रों में वाहनों की गति नियंत्रित करना और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
टांडा मोड़ पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर मंदिर मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
टांडा मोड़ पर हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक महिला जो रोज की तरह पूजा करके घर लौट रही थी, वह सड़क हादसे में अपनी जान गंवा बैठी। अब परिवार को न्याय और प्रशासन से उचित कार्रवाई की उम्मीद है।