हरिद्वार। दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की मर्डर करने के मामले में द्वितीय अपर सत्र जज संजीव कुमार ने पति को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है. शासकीय अधिवक्ता राज कुमार सिंह ने बताया कि 17 जून 2020 में कोतवाली रानीपुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर स्थित कृष्णा कॉलोनी में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी. कैतवाड़ा ज्वालापुर निवासी कुसुम ने अपने दामाद विकास पुत्र समय सिंह हाल निवासी कृष्णा कॉलोनी सलेमपुर रानीपुर, मूल निवासी ग्राम पांसु रामपुर मनिहारन सहारनपुर यूपी व उसके भाई आजाद के खिलाफ अपनी पुत्री राखी की दहेजMurder का मुकदमा दर्ज कराया था.उन्होंने बताया था कि वर्ष 2017 में अपनी बेटी राखी की शादी मर्डर  रोपित विकास के साथ कराई थी. पुत्री की सगाई व शादी में नगद,परिजनों को जेवरात व कीमती सामान दिया था.लेकिन शादी के बाद से ही आरोपित दामाद दान दहेज से खुश नहीं थे. मकान बनाने के लिए पुत्री को 15 लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बना रहे थे. मना करने पर आरोपित दामाद विकास व उसका भाई आजाद पुत्री के साथ मारपीट करने लगे. घटना वाले दिन पुत्री ने रिपोर्टकर्ता को फोन पर बताया था कि आरोपित पति 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं. मांग पूरी नहीं होने पर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहे हैं. उसी दिन आरोपित दामाद अपने छोटे बच्चे को रिपोर्टकर्ता के घर पर छोड़ गया था.
पुत्री के बारे में पता करने पर बताया कि वह हमारे पास ही रहेगी. उसी दिन आरोपित दामाद के फोन पर किसी अंजान व्यक्ति ने फोन पर शिकायतकर्ता महिला को बताया कि आपकी पुत्री राखी ने फंदा लगाकर जान दे दी है. आनन-फानन में शिकायतकर्ता व उसके परिजन पुत्री की ससुराल पहुंचे. जहां पुत्री मृत अवस्था में बिस्तर पर पड़ी हुई थी. Police ने आरोपित पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. वादी पक्ष ने अभियोजन साक्ष्य में 10 गवाह पेश किए. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति को दोषी पाया है.
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