उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 5 जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार, बढ़ेगी ठंड
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक सुबह और शाम के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है। बुधवार शाम राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही देखने को मिली। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार 23 अक्टूबर से प्रदेश के पर्वतीय जिलों में मौसम बदल सकता है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम में बदलाव के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान गिरने और ठंड बढ़ने के आसार हैं। हालांकि, गुरुवार 22 अक्टूबर को राज्य में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
शुक्रवार से चार जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 अक्टूबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान बादल गरजने और कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश होने की संभावना नहीं है।
गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग के साथ कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है। शेष जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
3500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी के आसार
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का बदलाव अधिक प्रभावी हो सकता है। मौसम विभाग ने 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है।
बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के आसपास ऊंची पर्वत चोटियों पर बर्फ गिर सकती है। इन क्षेत्रों में पहले से ही रात के समय तापमान काफी कम रहता है।
यदि पूर्वानुमान के अनुसार बर्फबारी होती है, तो पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड का असर और बढ़ सकता है। ऊंची चोटियों पर बर्फ जमने से आसपास की घाटियों में भी ठंडी हवाओं का प्रभाव महसूस किया जा सकता है।
हालांकि, बर्फबारी कितनी होगी और किन स्थानों पर होगी, यह आने वाले दिनों की मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
24 अक्टूबर से पांच जिलों में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 24 अक्टूबर को बारिश और बर्फबारी की संभावनाओं का दायरा बढ़ सकता है। इस दिन उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
इन जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने के आसार भी हैं।
25 और 26 अक्टूबर को भी पांचों पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। इस दौरान निचले पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है।
प्रदेश के अन्य आठ जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
देहरादून समेत मैदानी इलाकों में बढ़ेगी ठंड
राजधानी देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर सहित मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल बारिश की संभावना कम है। हालांकि, सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट से ठंड का अहसास बढ़ सकता है।
दिन में धूप खिलने से मौसम सामान्य बना रह सकता है, जबकि रात में ठंडी हवाओं के कारण तापमान कम महसूस हो सकता है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को देहरादून का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। पंतनगर में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 10.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान कम होने से सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बढ़ने लगा है।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु रहें सतर्क
उत्तराखंड के चारधाम क्षेत्रों में मौसम बदलने की संभावना को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के आसपास मौसम अचानक बदल सकता है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ने के साथ रास्तों पर फिसलन भी पैदा हो सकती है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि पर्वतीय इलाकों की यात्रा करने वाले लोग मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं।
यात्रियों को पर्याप्त गर्म कपड़े, बारिश से बचने के साधन और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी जाती है। खराब मौसम की स्थिति में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर होगा।
पहाड़ी सड़कों पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी के दौरान सड़क यातायात भी प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी मार्गों पर बारिश से फिसलन बढ़ने और कुछ स्थानों पर पत्थर गिरने का खतरा रहता है।
विशेष रूप से ऊंचाई वाले मार्गों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। रात के समय तापमान गिरने से यात्रा अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, फिलहाल किसी प्रमुख मार्ग के बंद होने की पुष्टि नहीं है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की नवीनतम जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सर्दी की दस्तक
उत्तराखंड में अक्टूबर के अंतिम दिनों से सर्दियों का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान तेजी से गिरता है, जबकि मैदानी इलाकों में सुबह और शाम ठंडक बढ़ने लगती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से होने वाली बारिश और बर्फबारी तापमान में अस्थायी गिरावट ला सकती है।
मौसम विभाग ने 23 से 26 अक्टूबर के बीच पर्वतीय जिलों में बदलते मौसम पर नजर रखने की सलाह दी है। यदि पूर्वानुमान के अनुसार बारिश और बर्फबारी होती है, तो आने वाले दिनों में प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में सर्दी का असर और बढ़ सकता है।