उत्तराखंड: चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित बनाने की तैयारी, तस्करी पर कड़ा एक्शन
Uttarkashi उत्तरकाशी: आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने मानव तस्करी, बाल तस्करी, बाल श्रम और भिक्षावृत्ति जैसी संवेदनशील समस्याओं पर सख्त रुख अपनाया है। इसी दिशा में पुलिस अधीक्षक Kamlesh Upadhyay की अध्यक्षता में शुक्रवार को विभिन्न विभागों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में इन अपराधों की रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। एसपी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिससे मानव तस्करी और बाल शोषण जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संदिग्ध व्यक्तियों का नियमित सत्यापन किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी ने कहा कि ह्यूमन और चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसी समस्याओं से निपटने के लिए केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि समाज और अन्य विभागों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है।
प्रशासन ने आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर देने और पीड़ितों की सहायता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने संयुक्त रणनीति के तहत समन्वित कार्रवाई पर सहमति जताई। प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।