उत्तराखंड कैबिनेट ने नई आबकारी नीति 2025 को दी मंजूरी

Update: 2025-03-03 13:20 GMT
Dehradun: उत्तराखंड कैबिनेट ने सोमवार को नई आबकारी नीति 2025 को मंजूरी दे दी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य की नई आबकारी नीति 2025 में धार्मिक स्थलों के महत्व को देखते हुए उनके नजदीक शराब के लाइसेंस बंद करने का फैसला किया गया है।साथ ही जन संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए शराब की बिक्री पर अधिक नियंत्रण रखा जाएगा। उप-दुकानों और मेट्रो शराब बिक्री व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।नई आबकारी नीति में अगर कोई दुकान एमआरपी से अधिक कीमत वसूलती है तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकेगा। डिपार्टमेंटल स्टोर्स पर भी एमआरपी लागू होगी, जिससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होगी।
राज्य में पिछले दो वर्षों में आबकारी राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 5,060 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य रखा गया है।वित्तीय वर्ष 2023-24 में 4,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4,038.69 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया।वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4,439 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक करीब 4,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
नवनिर्वाचित सीएम रेखा गुप्ता ने विधानसभा सत्र के दूसरे दिन आबकारी नीति पर सीएजी रिपोर्ट दिल्ली विधानसभा में पेश की। सीएजी कीरिपोर्ट में पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के दौरान शुरू की गई नीति में कथित अनियमितताओं को उजागर किया गया है।पेश की गई सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, शराब व्यापार को सरल बनाने, पारदर्शिता लाने, एकाधिकार की जांच करने, इष्टतम राजस्व उत्पन्न करने और बेहतर उपभोक्ता अनुभव सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 लागू की गई थी। हालांकि, नीति परिवर्तन के उद्देश्य हासिल नहीं हुए।यह रिपोर्ट पिछली आम आमी पार्टी सरकार के प्रदर्शन पर लंबित 14 सीएजी रिपोर्टों में से एक है।
आज प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, ऑडिट में पाया गया कि आबकारी विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में शराब की आपूर्ति की निगरानी और विनियमन के तरीके में कई विसंगतियां की हैं। (एएनआई)
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