काशीपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ की महादेव कॉलोनी में एक खाली प्लॉट में जमा बरसाती पानी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान पांच वर्षीय मयंक और छह वर्षीय देव के रूप में हुई है। खेलते-खेलते मौत के मुंह में समाए इन मासूमों की खबर जैसे ही इलाके में फैली, पूरी कॉलोनी में मातम छा गया। इस दर्दनाक हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं और बच्चों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। काशीपुर के तहसीलदार पंकज चंदोला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों बच्चे आपस में पड़ोसी थे और महादेव कॉलोनी में ही उनके घर पास-पास हैं।
गर्मी से राहत पाने के लिए पानी में उतरे थे मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर के समय क्षेत्र में अत्यधिक उमस और भीषण गर्मी पड़ रही थी। दोपहर में खेलते-खेलते मयंक और देव घर के पास ही स्थित एक खाली प्लॉट की तरफ चले गए। इस खाली प्लॉट में पिछले कुछ दिनों से हुई बारिश के कारण काफी गहरा पानी जमा हो रखा था।
भीषण गर्मी से राहत पाने और नहाने के इरादे से दोनों मासूम बच्चे बिना किसी को बताए उस प्लॉट में भरे पानी के अंदर उतर गए। चूंकि गड्ढा गहरा था और बच्चों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं था, इसलिए वे धीरे-धीरे गहरे पानी की तरफ चले गए और खुद को संभाल नहीं पाए। देखते ही देखते दोनों मासूम पानी में पूरी तरह डूब गए।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
काफी देर तक जब दोनों बच्चे घर के आसपास नजर नहीं आए, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी खोजबीन शुरू की। इसी दौरान कुछ पड़ोसियों की नजर खाली प्लॉट में भरे पानी पर पड़ी, जहां बच्चों के डूबने की आशंका हुई। आनन-फानन में स्थानीय लोग और परिजन पानी के अंदर कूदे और दोनों बच्चों को बाहर निकाला।
आसपास के लोग मयंक और देव को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों बच्चों की सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद मयंक और देव को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, कॉलोनी में पसरा सन्नाटा
एक साथ दो मासूम बच्चों की मौत की खबर सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। अस्पताल परिसर से लेकर पूरी महादेव कॉलोनी चीखों और आंसुओं से गूंज उठी। अपने जिगर के टुकड़ों को हमेशा के लिए खो देने के बाद माता-पिता और सगे-संबंधियों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार बदहवास होकर जमीन पर गिर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि कॉलोनियों में इस तरह के खाली पड़े प्लॉट और उनमें होने वाला जलभराव अक्सर बड़े हादसों को दावत देता है। प्रशासन को ऐसे भूखंड स्वामियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना चाहिए जो अपने प्लॉटों को खुला छोड़ देते हैं, जहां बारिश का पानी जमा होकर मौत का कुआं बन जाता है। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर सभी अभिभावकों को सतर्क किया है कि वे अपने छोटे बच्चों पर लगातार नजर रखें, खासकर बारिश के इस मौसम में जब आसपास जलभराव की समस्या आम होती है।