श्रीनगर: उत्तराखंड के श्रीनगर में सड़क हादसे के बाद पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर देर रात माहौल गरमा गया। छात्र नेताओं ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए श्रीनगर कोतवाली पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। जानकारी के मुताबिक, मामला देर रात हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि बाइक और स्कूटी की भिड़ंत के बाद मौके पर पहुंचे कुछ लोगों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। छात्र नेताओं का आरोप है कि हादसे में शामिल एक छात्र के साथ पुलिसकर्मी ने गलत व्यवहार किया और कथित तौर पर मारपीट भी की।

छात्र नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत राणा के अनुसार, वह देर रात श्रीनगर क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने सड़क हादसा देखा और मदद के लिए मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि पुलिस की गाड़ी से पहुंचे एक अधिकारी ने हादसे में शामिल छात्र के साथ अभद्रता की। छात्र नेता का कहना है कि जब उन्होंने छात्र के साथ किए जा रहे व्यवहार का विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। इसके बाद मामला बढ़ गया और छात्र संघ से जुड़े पदाधिकारी बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंच गए।
कोतवाली में देर रात हुआ हंगामा
घटना के बाद छात्र नेताओं ने श्रीनगर कोतवाली परिसर में पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। काफी देर तक छात्र नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत चलती रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी नागरिक के साथ गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच की मांग पर अड़े छात्र नेता
छात्र नेताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उनका कहना है कि पुलिस को जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच और कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सड़क हादसे के बाद बढ़ा विवाद
सड़क हादसों के बाद अक्सर मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है। ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ घायलों की मदद और संवेदनशीलता से कार्रवाई करने की होती है। श्रीनगर की इस घटना के बाद छात्र संगठनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर है।
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