Dehradun देहरादून। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हो रहे 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश का नाम रोशन किया है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के कमल ऋषिकांत सिंह ने भारोत्तोलन में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है।
ऋषिकांत सिंह ने राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप के 60 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे देश से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी ऋषिकांत सिंह को शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऋषिकांत सिंह की यह उपलब्धि देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई देते हुए कहा कि रजत पदक जीतकर ऋषिकांत ने पूरे देशवासियों को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता युवाओं को खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय खिलाड़ी अनाहत सिंह को भी बधाई दी। अनाहत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करते हुए जूनियर स्क्वैश में नया इतिहास बनाया है।
18 वर्षीय अनाहत सिंह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मिस्र की खिलाड़ी रुकय्या सलेम को हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उनकी जीत को भारतीय खेल जगत में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने अनाहत सिंह की सफलता को देश की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि अनाहत की उपलब्धि युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनाहत सिंह को उनकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि अनाहत सिंह की जीत एक नई शुरुआत है और इससे भारत में स्क्वैश खेल को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी सफलता से देश की युवा पीढ़ी इस खेल की ओर आकर्षित होगी।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के लगातार शानदार प्रदर्शन से खेल प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है। भारोत्तोलन और स्क्वैश जैसे खेलों में मिली इन उपलब्धियों से भारत की खेल प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।