टनल हादसे के पीड़ितों को राहत, घायलों के लिए भी सहायता राशि तय
सरकार ने तय किया मुआवजा पैकेज
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में हुए टनल हादसे को लेकर प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के आश्रितों को 45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि घायल लोगों को साढ़े तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया गया है। प्रशासन का कहना है कि हादसे में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना प्राथमिकता है। मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद के साथ अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
हादसे में गई मजदूरों की जान
चमोली में टनल निर्माण के दौरान हुए हादसे ने सभी को झकझोर दिया। अचानक हुए इस हादसे में कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए थे। घटना के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत टीमों ने मिलकर काम किया। हादसे के बाद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और टनल की तकनीकी जांच भी शुरू की गई।
मृतक परिवारों को मिलेगी बड़ी सहायता
सरकार की ओर से तय मुआवजे के तहत मृतकों के आश्रितों को 45 लाख रुपये दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह सहायता परिवारों को आर्थिक संकट से उबारने में मदद करेगी। मृतकों के परिजनों ने हादसे की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
घायलों के इलाज और मदद पर जोर
हादसे में घायल हुए मजदूरों के इलाज का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। घायलों को साढ़े तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हादसे की वजहों की होगी जांच
टनल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम टनल निर्माण से जुड़े सुरक्षा मानकों, तकनीकी खामियों और लापरवाही के संभावित पहलुओं की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों को राहत देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर है।