हल्द्वानी में शुद्धिकरण विवाद गहराया, नितिन नवीन के दौरे से बढ़ा सियासी तापमान
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली स्थल पर कथित शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। मामला लगातार तूल पकड़ रहा है और कांग्रेस तथा भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 9 सितंबर को हल्द्वानी दौरे की खबर सामने आने के बाद सियासी हलचल और बढ़ गई है।
भाजपा अध्यक्ष के दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच आमना-सामना हो सकता है। हालांकि दोनों दलों की ओर से अभी तक किसी टकराव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन विवादित मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के तेवर लगातार आक्रामक बने हुए हैं।
दरअसल, हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा रैली स्थल का शुद्धिकरण किए जाने का मामला सामने आया था। कांग्रेस ने इसे अपमानजनक बताते हुए भाजपा से जुड़े लोगों पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि इस तरह की गतिविधियां सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।
वहीं भाजपा की ओर से इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया है। दोनों दलों के बीच बयानबाजी के कारण यह मामला अब राज्य की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमे से भी बढ़ा विवाद
इस विवाद के बीच हल्द्वानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे ने भी राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वह इस मामले में पीछे हटने वाली नहीं है और कानूनी तथा राजनीतिक स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राज्यसभा में सदन के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखा था। खरगे ने कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
कांग्रेस का कहना है कि किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम या नेता के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। पार्टी ने इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामला हाईकोर्ट पहुंचा
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद अब न्यायालय तक पहुंच चुका है। मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। अदालत में इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई होनी है।
कानूनी प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब सभी की नजर हाईकोर्ट की कार्यवाही पर भी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ मामले को आगे बढ़ा रहे हैं।
नितिन नवीन के दौरे को लेकर बढ़ी हलचल
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 9 सितंबर को हल्द्वानी पहुंचने की जानकारी के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा संगठन उनके दौरे की तैयारियों में जुट गया है।
वहीं कांग्रेस भी इस पूरे मामले को लेकर सक्रिय है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वह जनता के मुद्दों और अपने नेताओं के सम्मान से जुड़े मामलों पर आवाज उठाती रहेगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नितिन नवीन का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब हल्द्वानी का यह विवाद पहले ही संवेदनशील मुद्दा बन चुका है। ऐसे में दोनों दलों की गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
हल्द्वानी विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति में एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। कांग्रेस इसे सम्मान और सामाजिक न्याय से जुड़ा मामला बता रही है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक विवाद बनाने का आरोप लगा रही है।
आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई, हाईकोर्ट की सुनवाई और भाजपा अध्यक्ष के प्रस्तावित दौरे के बाद ही आगे की राजनीतिक दिशा स्पष्ट होगी।
हल्द्वानी का यह विवाद अब केवल एक रैली स्थल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की सियासत में एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उभर चुका है।