Nainital: गोविंद बल्लभ पंत जयंती पर नैनीताल में आयोजन
पंत जयंती पर याद किए गए पं. गोविंद बल्लभ पंत
नैनीताल: उत्तराखंड के पहले एवं एकमात्र भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती पर जिला एवं मंडल मुख्यालय नैनीताल में पं. गोविंद बल्लभ पंत जन्म दिवस समारोह समिति की ओर से पंत पार्क्र के पास भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पं. पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि से हुई। विद्यालयी छात्र-छात्राओं ने बैंड प्रस्तुति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से पं. पंत के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। समारोह में नशामुक्ति अभियान के तहत उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
पंत जी के आजादी के आंदोलन में भाग लेने के दौरान के चित्रों की प्रदर्शनी भी लगायी गयी। साथ ही ‘नशा छोड़ो दूध पियो’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, और लोगों को गर्म दूध पिलाया गया। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कारों के माध्यम से युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देकर सशक्त उत्तराखंड का निर्माण किया जा सकता है। विधायक सरिता आर्या ने पं. पंत के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए युवाओं से शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर नगर कई लोगों को सम्मानित भी किया गया।
जनपद मुख्यालय के निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया। आयोजन में मुख्य संयोजक पूरन मेहरा, संयोजक गोपाल रावत, भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, राज्य सरकार में दायित्वधारी शांति मेहरा, महिला आयोग की सदस्य विमला अधिकारी, मनोज जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.सरस्वती खेतवाल, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, पूर्व विधायक डॉ.नारायण सिंह जंतवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण व संजय कुमार ‘संजू’, विक्रम राठौर, मनोज साह, चंद्रशेखर रावत, ललिता दफौटी, सपना बिष्ट, गजाला कमाल, मनोज जगाती, भगवत रावत, पूरन बिष्ट आदि सभासद, मनोज पवार, आनंद बिष्ट, भारत मेहरा, कमल जोशी, हरीश राणा, निखिल बिष्ट और भूपेंद्र बिष्ट सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व में भाजपा में रही एवं वर्तमान में कांग्रेस नेत्री सपना बिष्ट काबीना मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को अलग से पुष्पगुच्छ भेंट करती नजर आयीं। जिसने राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया। हालांकि श्रीमती बिष्ट ने कहा कि वह मंच पर पुष्पगुच्छ भेंट नहीं कर पायीं, इसलिये अलग से पुष्पगुच्छ भेंट किये।
पंत पार्क नवनिर्माण के बाद आया भव्य स्वरूप में
नैनीताल। पं. गोविंद बल्लभ पंत की विशाल प्रतिमा के साथ मल्लीताल में पंत पार्क पं. पंत की जयंती कार्यक्रम से ठीक पहले नवनिर्माण के कार्यों के पूर्ण होने के साथ भव्य रूप में आ गया है। उल्लेखनीय है पंत पार्क में पंत जी की मूर्ति को लगभग 20 मीटर पीछे खिसकाया गया है, जिससे वहां पर वाहनों के लिये अधिक स्थान उपलब्ध हो गया है, साथ ही पार्क में भी काफी जगह बन गयी है, जबकि पूर्व में पार्क वास्तव में मूर्ति के साथ नहीं था। पार्क के निर्माण में महत्सपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता गोविंद सिंह जनौटी ने बताया कि लोनिवि ने जिला विकास प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये धन से पार्क में निर्माण किया है।
पार्क में कई सुंदर बौंजाई पौधे, सुंदर घास आदि लगायी गयी है। साथ पं. पंत के रात्रि में रोशनी में जगमगाने वाले एक छिद्रयुक्त चित्र के साथ सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है और पंत जी के जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को भी पार्क में बाहर की ओर प्रदर्शित किया गया है। आगे पार्क में फूलों के पौधे लगाने की भी योजना है।
हिमालय संग्रहालय में पं. गोविंद बल्लभ पंत के दुर्लभ पत्रों और छायाचित्रों की प्रदर्शनी
नैनीताल। भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती के अवसर पर डीएसबी परिसर स्थित हिमालय संग्रहालय के इतिहास विभाग में उनके जीवन से जुड़े दुर्लभ छायाचित्रों और पत्रों की प्रदर्शनी शुरू हो गई है। प्रदर्शनी 30 सितंबर तक चलेगी। इसके माध्यम से पंत के व्यक्तित्व और कृतित्व के अहम पक्षों को सामने रखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पं. गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में हुआ था। वे 1937 से 1939 तक उत्तर प्रदेश के प्रीमियर तथा 1946 से 1954 तक उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद 1955 से 1961 तक भारत के केंद्रीय गृह मंत्री रहे। वर्ष 1961 में उनका निधन हुआ। उनकी पूरी जीवन यात्रा को चित्रों व पत्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और अन्य आगंतुकों ने अवलोकन किया।
आगंतुकों ने संग्रहालय में रखे पं. पंत के पत्रों और छायाचित्रों को दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां उपलब्ध ऐतिहासिक सामग्री अतीत को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अवसर पर इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. संजय घिल्डियाल, संग्रहालय प्रभारी प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल, प्रो. संजय टम्टा, प्रो. रीतेश साह, डॉ. शिवानी रावत, डॉ. मनोज बाफिला, डॉ. पूरन अधिकारी, डॉ. भुवन शर्मा, डॉ. हरदयाल जलाल, डॉ. वीरेंद्र पाल, डॉ. शिवराज कपकोटी, अनूप कुमार और भुवन पाठक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन
नैनीताल। इस दौरान माध्यमिक शिक्षक संघ ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में कार्यरत 426 तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण की मांग की। संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र चौधरी ने बताया कि इस संबंध में विधानसभा सत्र में विधायकों द्वारा प्रश्न भी उठाया गया है और सरकार स्तर पर कार्रवाई प्रगति में है, लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे शिक्षक परेशान और निराश हैं। ज्ञापन देने वालों में ममता जोशी, मुक्ता चौधरी, गीतिका, उमा भाकुनी, रेवती रावत, कविता उपाध्याय, आशा बिष्ट, मीना बिष्ट, पुष्पा दरामवाल और मंजू जोशी सहित अन्य शिक्षक भी शामिल रहे।