शादी की खुशियों के बीच मातम, मां की मौत पर बिलखता रहा बेटा
शादी में जा रहे तीन लोगों की मौत
काशीपुर : उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में काशीपुर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। परिवार शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे में 65 वर्षीय शमशीदा की मौत हो गई। जब उनके बेटे बंटी को मां की मौत की खबर मिली और वह मोर्चरी पहुंचा, तो वह खुद को संभाल नहीं पाया। वह बार-बार मां को पुकारता रहा—“मां, तू उठ जा, घर चल... मां वापस आ जा।”
शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार, शमशीदा का परिवार रामनगर से ट्रेन के जरिए काशीपुर पहुंचा था। यहां से परिवार के सदस्य ई-रिक्शा में सवार होकर भूतपुरी जा रहे थे। उन्हें शमशीदा की बहन जुबेदा के घर आयोजित शादी समारोह में शामिल होना था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिवार के लोग इस खुशी के अवसर पर एक साथ पहुंचने के लिए निकले थे। लेकिन रास्ते में जसपुर के पास बड़ी नहर के नजदीक सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार डीसीएम वाहन ने ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए।
हादसे में तीन लोगों की मौत
इस दुर्घटना में शमशीदा के अलावा उनके 75 वर्षीय जेठ शौकत अली और ई-रिक्शा चालक शहजाद अली की भी मौत हो गई। शमशीदा रामनगर के सावलेदे इलाके की रहने वाली थीं, जबकि ई-रिक्शा चालक शहजाद अली कुंडा क्षेत्र का निवासी था। हादसे में घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। दुर्घटना के बाद डीसीएम चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश और हादसे की परिस्थितियों की जांच में जुट गई।
मोर्चरी के बाहर मां को पुकारता रहा बेटा
हादसे की खबर मिलने पर शमशीदा का बेटा बंटी रामनगर से मोर्चरी पहुंचा। वहां मां की मौत की जानकारी ने उसे बुरी तरह तोड़ दिया। वह इस सच को स्वीकार नहीं कर पा रहा था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं है।
मोर्चरी के बाहर वह बार-बार मां को आवाज लगाता रहा। उसकी जुबान पर यही शब्द थे—“मां, तू उठ जा, घर चल... मां वापस आ जा।” वह पुलिसकर्मियों से मां से मिलवाने की जिद करने लगा। उसकी हालत देखकर वहां मौजूद परिजन और रिश्तेदार भी भावुक हो गए। परिवार के लोगों ने किसी तरह बंटी को संभाला। जब उसे मां के अंतिम दर्शन करने का मौका मिला, तो वह शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगा। मां को घर ले जाने और उनके वापस लौट आने की गुहार लगाते बेटे का दर्द वहां मौजूद लोगों को भी व्यथित कर गया।
एक पल में बदल गई परिवार की खुशियां
जिस परिवार में शादी समारोह को लेकर उत्साह था, वहां अचानक तीन मौतों की खबर से मातम छा गया। परिवार के सदस्य अपनों के साथ खुशी के पल बिताने के लिए निकले थे, लेकिन हादसे ने उनके जीवन में गहरा दुख छोड़ दिया।
शमशीदा की मौत से उनके बेटे बंटी को जो सदमा लगा, वह मोर्चरी के बाहर उसके विलाप में साफ दिखाई दिया। मां को खोने का दर्द उसके लिए असहनीय था। वह बार-बार उन्हें पुकार रहा था, जबकि आसपास मौजूद लोग उसे ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे। इस हादसे ने शादी में शामिल होने जा रहे परिवार के लिए सब कुछ बदल दिया। जिस यात्रा का मकसद खुशियों में शामिल होना था, वह एक दर्दनाक घटना में तब्दील हो गई।
फरार डीसीएम चालक की तलाश
दुर्घटना के बाद डीसीएम चालक के मौके से फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की परिस्थितियों, वाहन की गति और टक्कर के कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही फरार चालक का पता लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल इस हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घायलों का उपचार कराया गया। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।