निजी सर्वे में सीएम योगी को मिले 897 अंक, धामी और हिमंत बिस्वा सरमा भी शीर्ष तीन में शामिल
लखनऊ। देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के कामकाज को लेकर एक निजी संस्था द्वारा किए गए सर्वे के नतीजे चर्चा में हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस सर्वे में 1000 में से 897 अंक दिए गए हैं। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 881 अंक और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को 874 अंक प्राप्त हुए हैं। सर्वे में इन तीनों मुख्यमंत्रियों को क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान दिया गया है। हालांकि, यह एक निजी संस्था का आकलन बताया गया है और इसे देश के सभी मुख्यमंत्रियों के प्रदर्शन का आधिकारिक सरकारी मूल्यांकन नहीं माना जा सकता।
सर्वे के सामने आए आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 897 अंक मिले हैं। यह निर्धारित अधिकतम 1000 अंकों का 89.7 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 88.1 प्रतिशत और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को 87.4 प्रतिशत के बराबर अंक दिए गए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी के बीच 16 अंकों का अंतर है, जबकि धामी और हिमंत बिस्वा सरमा के बीच सात अंकों का अंतर दर्ज किया गया है।
यह दावा फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट के संयुक्त 'बेस्ट चीफ मिनिस्टर सर्वे 2026' में किया गया है। सर्वे में देश के कुल 15 मुख्यमंत्रियों का मूल्यांकन किया गया। इनमें पहले दस स्थान प्राप्त करने वाले मुख्यमंत्रियों को 'बेस्ट चीफ मिनिस्टर' और शेष पांच को 'मुख्यमंत्री पंचरत्न' श्रेणी में रखा गया है। सर्वे के नतीजों की जानकारी 1 नवंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों में सामने आई।
आयोजकों के अनुसार, सर्वे करीब तीन से चार महीने तक चला। इसमें मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता, कार्यशैली, जनस्वीकार्यता और शासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन किया गया। सर्वे के लिए तीन चरणों वाली प्रक्रिया अपनाने का दावा किया गया है।
पहले चरण में सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया में मुख्यमंत्रियों से संबंधित प्रतिक्रियाओं, समाचारों और जनधारणाओं का अध्ययन किया गया। दूसरे चरण में अलग-अलग क्षेत्रों के बुद्धिजीवियों, प्रतिष्ठित व्यक्तियों और विशेषज्ञों की राय को शामिल किया गया। तीसरे चरण में आम नागरिकों से बातचीत कर उनके अनुभव और विचार जानने का दावा किया गया।
इन तीनों चरणों से प्राप्त जानकारियों का विश्लेषण करने के बाद दस निर्धारित मानकों के आधार पर मुख्यमंत्रियों को अंक दिए गए। इनमें सुशासन, कानून-व्यवस्था, व्यक्तित्व, सार्वजनिक छवि, कार्यक्षमता, प्रभाव, विभागीय समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता तथा कार्यशैली और परिणाम जैसे विषय शामिल थे।
सुशासन के अंतर्गत प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सरकारी सेवाओं की उपलब्धता जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया। कानून-व्यवस्था के मूल्यांकन में नागरिकों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून के शासन से संबंधित विषय शामिल किए गए। वहीं, नेतृत्व क्षमता के आकलन में निर्णय लेने की क्षमता, संवाद कौशल और जनता के बीच विश्वसनीयता जैसे पहलुओं को आधार बनाया गया।
सर्वे की प्रकाशित सूची में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 856 अंक, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 844 अंक और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को 842 अंक दिए गए हैं। इसके अलावा सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा भी शीर्ष दस की प्रकाशित सूची में शामिल हैं।
सर्वे में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और असम के मुख्यमंत्रियों को मिले अंकों के बीच अपेक्षाकृत कम अंतर दिखाई देता है। हालांकि, इन अंकों को सीधे जनता की संतुष्टि या चुनावी समर्थन के प्रतिशत के रूप में नहीं समझना चाहिए। उदाहरण के लिए, योगी आदित्यनाथ को मिले 897 अंक सर्वे की निर्धारित मूल्यांकन प्रणाली का स्कोर हैं, न कि यह प्रमाण कि 89.7 प्रतिशत मतदाता उनके कामकाज से संतुष्ट हैं।
सर्वे की विश्वसनीयता का आकलन करने के लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण होता है कि कितने लोगों की राय ली गई, उनका चयन कैसे हुआ, विभिन्न राज्यों के लोगों का प्रतिनिधित्व कितना था और प्रत्येक मानक को कितने अंक दिए गए। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में सर्वे की व्यापक प्रक्रिया का उल्लेख है, लेकिन इन सभी तकनीकी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है।
भारत जैसे बड़े और विविधतापूर्ण देश में अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों के कामकाज की तुलना करना जटिल प्रक्रिया है। प्रत्येक राज्य की जनसंख्या, आर्थिक स्थिति, भौगोलिक परिस्थितियां, प्रशासनिक चुनौतियां और विकास संबंधी प्राथमिकताएं अलग होती हैं। इसलिए किसी एक निजी सर्वे के परिणाम को शासन की गुणवत्ता का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
इसके बावजूद इस प्रकार के सर्वे राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बनते हैं। इनसे यह समझने का अवसर मिलता है कि सर्वे कराने वाली संस्था ने किन मानकों को महत्व दिया और उसके आकलन में विभिन्न राज्यों के नेतृत्व को कैसे देखा गया।
फिलहाल फेम इंडिया और एशिया पोस्ट के 'बेस्ट चीफ मिनिस्टर सर्वे 2026' में योगी आदित्यनाथ को 897, पुष्कर सिंह धामी को 881 और हिमंत बिस्वा सरमा को 874 अंक दिए जाने की खबर सामने आई है। यह रैंकिंग निजी संस्था द्वारा तैयार की गई है और इसका मूल्यांकन उसी संदर्भ में किया जाना चाहिए।