पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 119 हथियार और 94 लाइसेंस जब्त

Update: 2026-07-14 15:35 GMT

रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दस्तावेजों में कूटरचना कर बाहरी राज्यों से बनवाए गए संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस और उनके आधार पर रखे गए हथियारों की जांच के लिए पुलिस ने अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत अब तक पुलिस ने 119 संदिग्ध हथियार और 94 शस्त्र लाइसेंस जब्त किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मेघालय, बिहार समेत अन्य राज्यों से फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस तैयार कराए और बाद में उन्हें उत्तराखंड में स्थानांतरित कराकर वैध हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने जिले में ऐसे 108 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस चिह्नित किए हैं, जिनकी वैधता पर सवाल उठे हैं। इनमें से 94 लाइसेंस पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। साथ ही इन लाइसेंसों से जुड़े 119 हथियार भी जमा करा लिए गए हैं। अब इन सभी लाइसेंसों की वास्तविकता की जांच की जाएगी।

ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि संदिग्ध लाइसेंसों के सत्यापन के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें जल्द ही उन बाहरी राज्यों के संबंधित जिलों में जाएंगी, जहां से इन लाइसेंसों के जारी होने का दावा किया गया है। वहां के रिकॉर्ड की जांच के बाद यह पता लगाया जाएगा कि लाइसेंस असली हैं या फर्जी।

पुलिस का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में लाइसेंस फर्जी पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अवैध तरीके से हथियार रखने वालों पर भी पुलिस शिकंजा कसेगी।

अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान अवैध हथियारों और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी लाइसेंस बनवाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था।

इस मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं इन फर्जी लाइसेंसों का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में तो नहीं किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शस्त्र लाइसेंसों की जांच पूरी होने के बाद संदिग्ध हथियारों के संबंध में भी निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई से फर्जी लाइसेंस बनवाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

ऊधम सिंह नगर पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों और फर्जी लाइसेंस के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले में हथियार रखने वाले सभी लाइसेंसधारकों के रिकॉर्ड की जांच को भी प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।

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