देहरादून: उत्तराखंड में दीपावली से पहले राज्य कर विभाग ने पटाखा कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की अलग-अलग टीमों ने देहरादून, ऋषिकेश और विकासनगर में पटाखा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान व्यापारियों के खरीद-बिक्री और स्टॉक से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। कार्रवाई के बाद कारोबारियों से कुल 92 लाख रुपये का टैक्स जमा कराया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन में जीएसटी संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। दीपावली के अवसर पर पटाखों की बिक्री में तेजी आने की संभावना को देखते हुए राज्य कर विभाग ने यह अभियान चलाया। विभाग का उद्देश्य कारोबारियों के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड का मिलान करना और कर संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है।
राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त अजय कुमार ने विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों को देहरादून, विकासनगर और ऋषिकेश के पटाखा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने कारोबारियों के जीएसटी रजिस्ट्रेशन, खरीद-बिक्री के बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य व्यावसायिक अभिलेखों का परीक्षण किया। टीमों ने प्रतिष्ठानों में मौजूद सामान का संबंधित दस्तावेजों से मिलान भी किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान कुल 92 लाख रुपये जमा कराए गए। हालांकि, जांच के दायरे में आए कारोबारियों की संख्या को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में अंतर है। एक रिपोर्ट में सात व्यापारियों से रकम जमा कराने का उल्लेख है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में छह फर्मों की जानकारी दी गई है। राज्य कर विभाग के उपायुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन में कर चोरी की रोकथाम के लिए विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की ओर से उन कारोबारियों के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, जिनके खरीद-बिक्री संबंधी विवरण में अनियमितता की आशंका है।
दीपावली से पहले पटाखों की मांग बढ़ने के कारण इस कारोबार में बड़े पैमाने पर लेनदेन होता है। ऐसे में विभाग द्वारा व्यापारियों के रिकॉर्ड का सत्यापन राजस्व संग्रह के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय टीमों ने कारोबार से संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान बिक्री और स्टॉक के विवरण पर विशेष ध्यान दिया। संबंधित व्यापारियों से जमा कराई गई राशि का अलग-अलग ब्योरा फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस बीच देहरादून में पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित स्थानों और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। जिला प्रशासन ने इस वर्ष पटाखा बिक्री के लिए तीन स्थान चिह्नित किए हैं। बिना अनुमति बिक्री की शिकायतें भी सामने आई हैं। राज्य कर विभाग की इस कार्रवाई के बाद पटाखा कारोबार से जुड़े व्यापारियों को खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और कर भुगतान संबंधी दस्तावेज व्यवस्थित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी जांच अभियान जारी रह सकता है।
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