नैनीताल। बिहार के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर रविवार को उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम पहुंचीं। उन्होंने अपने भाई के साथ बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए और मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। शरद पूर्णिमा के अवसर पर कैंची धाम पहुंचीं मैथिली ठाकुर ने मंदिर परिसर में करीब आधे घंटे का समय बिताया। इस दौरान उन्होंने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस दौरे में उनके भाई भी साथ मौजूद रहे।
शरद पूर्णिमा पर कैंची धाम पहुंचीं मैथिली ठाकुर
प्रसिद्ध गायिका और भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर रविवार को कैंची धाम पहुंचीं। उनके इस दौरे को धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए और मंदिर में पूजा-अर्चना की।
मैथिली ठाकुर भारतीय लोक संगीत और भक्ति गायन के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखती हैं। उनके भजन और पारंपरिक गीत बड़ी संख्या में श्रोताओं द्वारा पसंद किए जाते हैं। संगीत के साथ राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय मैथिली ठाकुर का कैंची धाम पहुंचना उनके धार्मिक जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ उनके भाई भी मौजूद रहे। दोनों ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और कुछ समय वहां बिताया।
भाई के साथ किए बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन
मैथिली ठाकुर के कैंची धाम दौरे की खास बात यह रही कि वह अपने भाई के साथ मंदिर पहुंचीं। दोनों ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैथिली ठाकुर मंदिर परिसर में करीब आधे घंटे तक रहीं। इस दौरान उन्होंने बाबा के दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
हालांकि, मंदिर में उनके आगमन का सटीक समय और वहां मौजूद अन्य लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। उनके दौरे के दौरान किसी विशेष कार्यक्रम या सार्वजनिक संबोधन का भी उल्लेख नहीं किया गया है।इस यात्रा में मुख्य रूप से बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन और पूजा-अर्चना की जानकारी सामने आई है।
करीब आधे घंटे तक मंदिर परिसर में रहीं
कैंची धाम पहुंचने के बाद मैथिली ठाकुर ने मंदिर परिसर में करीब 30 मिनट बिताए। इस दौरान उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए।कैंची धाम देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने पहुंचते हैं। मंदिर का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।नैनीताल जिले में स्थित यह धार्मिक स्थल लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। बाबा नीब करौरी महाराज के अनुयायी उन्हें श्रद्धा और भक्ति के साथ याद करते हैं।मैथिली ठाकुर का इस प्रसिद्ध धाम में पहुंचना भी उनकी धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा। उन्होंने अपने भाई के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया।
देशभर में प्रसिद्ध है कैंची धाम
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम बाबा नीब करौरी महाराज से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह धाम अपनी आध्यात्मिक पहचान और प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।कैंची धाम की स्थापना वर्ष 1964 में बाबा नीब करौरी महाराज ने की थी। समय के साथ यह स्थान देश-विदेश के श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हुआ।बाबा नीब करौरी महाराज के अनुयायी उन्हें हनुमान जी का परम भक्त मानते हैं। उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग कैंची धाम पहुंचते हैं।यहां आने वाले श्रद्धालु बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। विशेष धार्मिक अवसरों पर भी श्रद्धालुओं की आस्था इस धाम से जुड़ी रहती है।कैंची धाम की पहचान केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। विदेशों में भी बाबा नीब करौरी महाराज के अनुयायी मौजूद हैं।
लोक गायन से राजनीति तक मैथिली ठाकुर की पहचान
मैथिली ठाकुर भारतीय लोक संगीत और भक्ति गीतों के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने मैथिली, भोजपुरी और हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं में लोकगीत तथा भजन प्रस्तुत किए हैं।उनकी गायन शैली में भारतीय परंपरा और लोक संस्कृति की झलक दिखाई देती है। पारंपरिक गीतों और भजनों के माध्यम से उन्होंने संगीत प्रेमियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।संगीत के क्षेत्र में लोकप्रियता हासिल करने के बाद उन्होंने राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई। वह बिहार के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं।लोक संगीत और धार्मिक गीतों से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उनके भजनों में भगवान राम, भगवान कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की स्तुति प्रमुख रूप से सुनने को मिलती है।ऐसे में बाबा नीब करौरी महाराज के धाम में उनकी उपस्थिति उनके धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाती है।
धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा का धाम
कैंची धाम उत्तराखंड के उन धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां श्रद्धालु मानसिक शांति और आध्यात्मिक अनुभव की भावना के साथ पहुंचते हैं।बाबा नीब करौरी महाराज के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। उनके अनुयायी सेवा, भक्ति और मानवता से जुड़ी शिक्षाओं को महत्वपूर्ण मानते हैं।धाम के आसपास का प्राकृतिक वातावरण भी इसकी विशेष पहचान है। पहाड़ों के बीच स्थित यह मंदिर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है।मैथिली ठाकुर ने इसी प्रसिद्ध धाम में पहुंचकर बाबा के दर्शन किए। उनके साथ उनके भाई भी मौजूद रहे। दोनों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और कुछ समय वहां बिताया।
दर्शन के बाद संपन्न हुई धार्मिक यात्रा
रविवार को कैंची धाम पहुंचीं मैथिली ठाकुर ने करीब आधे घंटे तक मंदिर परिसर में रहकर पूजा-अर्चना की। हालांकि, दर्शन के बाद उनके अगले कार्यक्रम या यात्रा के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।फिलहाल, उनके इस दौरे से जुड़ी मुख्य जानकारी यही है कि उन्होंने अपने भाई के साथ बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
बिहार की अलीनगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और लोक गायिका के रूप में पहचान रखने वाली मैथिली ठाकुर का कैंची धाम दौरा धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा। मंदिर में करीब आधे घंटे तक रुकने के बाद उनकी इस धार्मिक यात्रा का प्रमुख कार्यक्रम पूरा हुआ।