अर्धकुंभ से पहले धंसी हरकी पैड़ी की मुख्य सड़क, सीवर चैंबर के पास फंसी स्कूल बस
हरिद्वार। अर्धकुंभ के पहले स्नान पर्व में अब करीब तीन माह का समय शेष है। मेला प्रशासन की ओर से अर्धकुंभ को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच बुधवार को हरिद्वार में सड़क धंसने की घटना ने प्रशासनिक तैयारियों और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। नगर कोतवाली के पास हरकी पैड़ी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क अचानक धंस गई। जिस समय सड़क धंसी, उसी दौरान वहां से एक स्कूल बस गुजर रही थी। सड़क में बस के पहिये फंस जाने से बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
घटना दोपहर के समय हुई। बताया गया कि अपर बाजार से हरकी पैड़ी की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर सीवर चैंबर के पास अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। सड़क धंसने के कुछ ही समय बाद वहां से गुजर रही स्कूल बस के पहिये गड्ढे में फंस गए। बस में करीब 10 से 12 बच्चे सवार थे। अचानक बस के झटके के साथ रुक जाने से बच्चे घबरा गए और बस के भीतर चीख-पुकार मच गई।
अचानक धंसी सड़क, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क के धंसने की घटना अचानक हुई। सड़क के जिस हिस्से से स्कूल बस गुजर रही थी, वहीं सीवर चैंबर के आसपास सड़क का हिस्सा कमजोर होकर नीचे बैठ गया। बस के पहिये धंसी सड़क में फंसने के बाद चालक के सामने बच्चों को सुरक्षित निकालने की चुनौती खड़ी हो गई।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए। सड़क धंसने के कारण कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। गनीमत रही कि बस पलटी नहीं और बड़ा हादसा होने से टल गया। अगर सड़क का हिस्सा और अधिक धंस जाता या बस का संतुलन बिगड़ जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
अर्धकुंभ की तैयारियों पर उठे सवाल
हरिद्वार में अर्धकुंभ को लेकर प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मेला क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, सीवर, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कर लिया जाएगा।
लेकिन अर्धकुंभ से पहले हरकी पैड़ी जैसे महत्वपूर्ण और व्यस्त क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क का अचानक धंस जाना व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। हरकी पैड़ी हरिद्वार का प्रमुख धार्मिक स्थल है और अर्धकुंभ के दौरान यहां देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर सड़क धंसने की घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अर्धकुंभ के दौरान इस क्षेत्र में पैदल यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन भी पहुंचेंगे। यदि उस समय सड़क की स्थिति खराब रही तो यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए अभी से सड़कों की गुणवत्ता और उनकी मजबूती की जांच जरूरी है।
सीवर चैंबर के आसपास की स्थिति पर भी सवाल
जिस स्थान पर सड़क धंसी, वह सीवर चैंबर के पास बताया जा रहा है। इससे सीवर लाइन, चैंबर और सड़क निर्माण के बीच समन्वय तथा मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सड़क के नीचे पानी का रिसाव, मिट्टी का कटाव या निर्माण कार्य में तकनीकी खामी जैसी वजहों की जांच की जरूरत है।
अर्धकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन से पहले सड़कों और सीवर व्यवस्था की तकनीकी जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। खासकर उन मार्गों पर जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है, वहां छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
बच्चों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता
इस घटना ने सबसे अधिक चिंता स्कूल बसों में सफर करने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर पैदा की है। सड़क पर अचानक गड्ढा बनने और बस के पहिये उसमें फंसने से बच्चे सहम गए। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि सड़क की खराब स्थिति कितनी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बसों के नियमित मार्गों की भी जांच होनी चाहिए। जिन सड़कों पर रोजाना बच्चों की बसें गुजरती हैं, उनकी स्थिति सुरक्षित रहना जरूरी है। अर्धकुंभ के दौरान इन मार्गों पर भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ने वाला है, इसलिए अभी से जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
हादसे से सबक लेने की जरूरत
अर्धकुंभ के पहले स्नान में करीब तीन माह का समय बचा है। ऐसे में बुधवार की घटना प्रशासन के लिए चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। मेला प्रशासन को केवल बड़े स्तर पर तैयारियों के दावे करने के बजाय जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की नियमित जांच करनी होगी।
हरकी पैड़ी को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों, सीवर लाइनों, पुलों, नालियों और सड़कों की तकनीकी जांच कर कमजोर हिस्सों को समय रहते दुरुस्त करना जरूरी है। बुधवार को स्कूल बस के पहिये सड़क में फंसने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
अर्धकुंभ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में सड़क सुरक्षा और मजबूत बुनियादी ढांचा आयोजन की सफलता की सबसे अहम कड़ी होगी। बुधवार की घटना ने प्रशासन को समय रहते अपनी तैयारियों की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का मौका दिया है।