हल्द्वानी में तेंदुए ने 10 साल के बच्चे पर किया हमला, अंश ने साहस दिखाकर बचाई जान
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक तेंदुए ने घात लगाकर 10 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके पेट और मुंह पर गहरे जख्म आए हैं। इलाज के लिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।
घटना के बाद बच्चे के साहस की इलाके में जमकर चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान बच्चे ने हिम्मत नहीं हारी और दोनों हाथों से तेंदुए का गला पकड़ लिया। बच्चे ने काफी देर तक तेंदुए को पकड़े रखा, जिसके बाद शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग गया।
जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी क्षेत्र में रहने वाला 10 वर्षीय अंश अपने दोस्त के साथ दुकान से सामान लेने गया था। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से आसपास के लोग भी हैरान रह गए।
बताया जा रहा है कि तेंदुए ने बच्चे को दबोचने की कोशिश की। इस दौरान बच्चे ने खुद को बचाने के लिए हिम्मत दिखाई और तेंदुए को दोनों हाथों से पकड़ लिया। बच्चे के इस साहस के कारण तेंदुआ ज्यादा देर तक हमला जारी नहीं रख सका।
हमले के बाद बच्चे के चिल्लाने और आसपास के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग गया। इसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। बच्चे के पेट और चेहरे पर चोटें आई हैं। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है। इलाके में तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी बढ़ाई जा रही है। वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ी है। ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने वन विभाग से सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं और तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
वन विभाग अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से सामना होने पर घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए और तुरंत सूचना देनी चाहिए।
अंश के साहस की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में बच्चे ने जिस तरह से हिम्मत दिखाई, वह काबिले तारीफ है। हमले जैसी खतरनाक स्थिति में भी उसने हार नहीं मानी और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया।
वन विभाग अब घटना स्थल के आसपास जांच कर रहा है। तेंदुए की पहचान और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
हल्द्वानी में हुई इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं की ओर ध्यान खींचा है। जंगलों के आसपास बसे इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही के कारण अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।
फिलहाल घायल अंश का इलाज जारी है और परिवार उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहा है। वहीं, वन विभाग तेंदुए को लेकर क्षेत्र में सतर्कता बरत रहा है ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।