Offering चोरी मामले में जांच पूरी, रिपोर्ट में सुरक्षा खामियों का भी जिक्र

Update: 2026-07-12 10:55 GMT

Chamoli चमोली :  चमोली, 12 जुलाई 2026। श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर में 2 जुलाई को नगद चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित हेराफेरी के मामले में गठित विभागीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में आरोपी द्वारा एक बार नहीं बल्कि कई बार चढ़ावे की रकम में हेराफेरी किए जाने की बात सामने आई है।

चार सदस्यीय जांच समिति ने करीब 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें घटना का पूरा विवरण, जांच प्रक्रिया और सामने आए तथ्यों का उल्लेख किया गया है। जांच समिति ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में मंदिर के दान गिनती कक्ष में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई गई है। समिति ने दान गिनती कक्ष में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और मंदिर के परिक्रमा पथ के सभी ब्लाइंड स्पॉट को सीसीटीवी निगरानी में लाने की सिफारिश की है।

जांच के दौरान समिति को घटना वाले दिन यानी 2 जुलाई से केवल 14 दिन पहले तक के सीसीटीवी फुटेज ही उपलब्ध हो सके। बताया जा रहा है कि पहले से लगाए गए कैमरों की गुणवत्ता और स्टोरेज क्षमता सीमित होने के कारण फुटेज केवल 15 दिनों तक ही सुरक्षित रह पाते हैं। जांच टीम ने उपलब्ध फुटेज की गहन समीक्षा की, जिसमें 2 जुलाई को कथित आरोपी को पैसों में हेराफेरी करते हुए देखा गया।

इसके अलावा जांच टीम को घटना से करीब 14 दिन पहले के कुछ फुटेज भी महत्वपूर्ण लगे हैं। इन फुटेज के आधार पर टीम ने पूरे मामले की पड़ताल की और अपनी रिपोर्ट में कई बिंदुओं को शामिल किया है।

मामले में बीकेटीसी ने पहले ही कार्रवाई करते हुए 7 जुलाई 2026 को अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। समिति ने यह कदम अनुशासन बनाए रखने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया था।

बीकेटीसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पद के दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद उन्हें 3 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था।

समिति ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। जांच के दौरान आरोपी के स्पष्टीकरण और समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

बीकेटीसी अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि बद्रीनाथ धाम की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

श्री बद्रीनाथ धाम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और मंदिर में आने वाला चढ़ावा धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। जांच समिति की सिफारिशों के बाद मंदिर में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की संभावना है।

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