Haridwar: संदिग्ध हालात में सुरेन्द्र की मौत, परिजनों ने जताया संदेह
मौत के कारणों को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल
हरिद्वार: निठारी कांड से चर्चित रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत के मामले में परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आज सुरेंद्र कोली के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उसके बड़े भाई, बेटे और गांव के अन्य लोग हरिद्वार पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
परिजनों के साथ पहुंचे पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा कि करीब 20 साल बाद न्यायालय से सुरेंद्र कोली को राहत मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उसके सामने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां बनी रहीं। उन्होंने बताया कि रिहाई के बाद सुरेंद्र दिल्ली, चेन्नई और चंडीगढ़ सहित कई स्थानों पर रहा था। कुछ दिन पहले वह अपने गांव गया और वहां से हरिद्वार आया था।
रावत के मुताबिक सुरेंद्र हरिद्वार में चाय की दुकान चलाकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता था। उन्होंने बताया कि सात सितंबर को वह खुद सुरेंद्र से मिले थे और उसकी आर्थिक मदद भी की थी। उनका कहना है कि सुरेंद्र कोली निर्दोष था और न्यायालय ने भी उसे दोषमुक्त कर दिया था।
परिजनों ने शव मिलने की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए कई सवाल उठाए हैं। नारायण सिंह रावत का दावा है कि जिस खोखे में सुरेंद्र का शव मिला, उसकी ऊंचाई कम थी। उन्होंने गले में लगी रस्सी की गांठ, रस्सी के कटे होने और दुकान का शटर खुला मिलने को लेकर भी संदेह जताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुरेंद्र के मुंह और नाक से खून निकला था। इन परिस्थितियों के आधार पर उन्होंने मामले की हत्या के एंगल से भी जांच कराने की मांग की है।
पुलिस के अनुसार सुरेंद्र कोली करीब तीन महीने पहले हरिद्वार आया था और यहां अपनी पहचान छिपाकर सदाराम के नाम से रह रहा था। करीब चार दिन पहले उसने अनिल शर्मा नाम के व्यक्ति से दुकान किराये पर ली थी और लालमाता मंदिर के सामने चाय का खोखा चला रहा था। आसपास के लोगों और दुकान मालिक को भी उसकी वास्तविक पहचान की पूरी जानकारी नहीं थी।
शुक्रवार को उसी दुकान में लगे पंखे से सुरेंद्र का शव फंदे से लटका मिला था। पुलिसकर्मियों ने मृतक की जेब की तलाशी ली तो उसमें आधार कार्ड मिला। इसके आधार पर उसकी पहचान सुरेंद्र कोली पुत्र शंकर राम कोली, निवासी डी-5, सेक्टर-31, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।सुरेंद्र कोली मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र का रहने वाला था। हरिद्वार के सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।