Haridwar: पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अभियान तेज किया
"नशा तस्करों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश"
हरिद्वार: जनपद पुलिस की अपराध गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था, नशा तस्करी, यातायात प्रबंधन और चारधाम यात्रा को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में साफ शब्दों में निर्देश दिए गए कि किसी भी दशा में नशे का तस्कर या पैडलर गिरफ्तारी से बचना नहीं चाहिए। नशे की पूरी चौन को चिन्हित कर कार्रवाई करने तथा अपराधियों के विरुद्ध पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एसपी क्राइम/ट्रैफिक निशा यादव, एसपी सिटी अभय सिंह, एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल सहित जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, शिकायतों के निस्तारण और चारधाम यात्रा को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने कहा कि ऑपरेशन प्रहार के तहत जनपद पुलिस द्वारा अच्छा कार्य किया गया है और भविष्य में भी पुलिस मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे अभियानों में सभी अधिकारी और कर्मचारी शत-प्रतिशत योगदान दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े सप्लायर से लेकर छोटे पैडलर तक किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और सभी को जेल भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चारधाम यात्रा के मद्देनजर सभी थाना प्रभारियों और यातायात पुलिस को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि यात्रा मार्गों पर गश्त और पेट्रोलिंग लगातार जारी रहे ताकि दुर्घटना या जाम की स्थिति में यात्रियों को तत्काल मदद मिल सके। वीकेंड पर थाना एवं यातायात प्रभारी आपसी समन्वय बनाकर शहर से लेकर देहात तक यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे।
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। थाना प्रभारी और हल्का प्रभारी को निर्देश दिए गए कि वह समय-समय पर अपने क्षेत्र में रह रहे सीनियर सिटीजनों के घर जाकर उनसे संवाद करें और आवश्यक हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराएं।
समर सीजन को देखते हुए आगजनी की घटनाओं पर तत्काल रिस्पॉन्स देने के निर्देश भी दिए गए। फायर यूनिट को अलर्ट मोड में रहने और सूचना मिलते ही उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचने को कहा गया। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इसके अलावा सभी सर्किल अधिकारियों को जघन्य अपराधों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि अपराधियों में पुलिस का खौफ बना रहे। वहीं ऑनलाइन पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों और शिकायती प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर दिया गया।