Haldwani: ममेरे भाई के साथ अपहरण की साजिश रचने वाला आरोपी फरार

ममेरे भाई अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर

Update: 2025-05-22 12:18 GMT

हल्द्वानी: इंजीनियर तुषार लोहनी अपहरण केस में अपहरण की साजिश रचने वाले ममेरे भाई अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। जबकि मुख्य साजिशकर्ता आलोक तिवारी के बाप को पुलिस ने उसके गुर्गों संग सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। अपहरण की यह सनसनीखेज घटना मुखानी थानाक्षेत्र की है और घटना के 16 दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस को लगातार चकमा दे रहे हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि दोनों की जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गली नंबर एक तल्ली बमौरी मुखानी निवासी तुषार लोहनी पुत्र गिरीश चंद्र लोहनी पेशे से इंजीनियर है। उसने बांदा उत्तर प्रदेश निवासी आलोक तिवारी के साथ मिलकर स्टार्टअप शुरू किया था, लेकिन स्टार्टअप जल्द ही ठप हो गया और भारी नुकसान हुआ। जिसके बाद आलोक ने तुषार को 50 लाख रुपए का देनदार बना दिया। इन रुपयों के लिए वह तुषार पर दबाव डाल रहा था और जब बात नहीं बनी तो 6 मई की सुबह करीब साढ़े 10 बजे उस वक्त तुषार का अपहरण कर लिया, जब वह घर से घर से टहलने हुए कालाढूंगी रोड स्थित ईएनटी हॉस्पिटल के पास पहुंचा था। आरोपी उसे छोड़ने के एवज में 50 लाख रुपए की फिरौती मांग रहे थे।

इस मामले में पुलिस ने कपिल तिवारी और उसके ममेरे भाई आलोक रंजन तिवारी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। जांच हुई तो पता लगा कि घटना कि दिन पांच लोगों ने अपहरण किया था। तुषार को 11 मई को पुलिस ने उत्तर प्रदेश में बांदा जिले से घायल अवस्था में बरामद किया था। 19 मई को पुलिस ने उत्तरप्रदेश के बांदा जिले से ग्राम महोखर कोतवाली देहात निवासी दयाशंकर तिवारी, कृपालपुर थाना बसरेहर, इटावा निवासी अंकुर कुमार और विनय प्रताप को गिरफ्तार कर लिया। जबकि अपहरण की साजिश रचने वाला आलोक और कपिल चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक दोनों लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। मुखानी थानाध्यक्ष दिनेश जोशी का कहना है कि टीमें दोनों आरोपियों के पीछे हैं और जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

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