उत्तराखंड : जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी कर दिया गया है। गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं से 15 अगस्त तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। तय समय सीमा में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में गैस सिलेंडर की आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गैस कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन का सत्यापन कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कंपनियों का कहना है कि ई-केवाईसी पूरी होने के बाद उपभोक्ता का रिकॉर्ड अपडेट रहेगा और कनेक्शन की स्थिति नियमित रूप से संचालित की जा सकेगी। वहीं, निर्धारित समय सीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले कनेक्शनों को नियमानुसार निष्क्रिय श्रेणी में रखा जा सकता है।
गैस एजेंसियों ने तेज किया जागरूकता अभियान
ई-केवाईसी को लेकर गैस वितरक एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को जानकारी दी जा रही है। एजेंसियों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि वे 15 अगस्त से पहले अपना ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करा लें। उपभोक्ताओं को अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए जल्द प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
गैस कंपनियों के अनुसार, ई-केवाईसी का उद्देश्य उपभोक्ता की पहचान और गैस कनेक्शन से संबंधित विवरण को सत्यापित करना है। इससे कनेक्शन के रिकॉर्ड को अपडेट रखने में मदद मिलती है।
ई-केवाईसी नहीं हुई तो निष्क्रिय हो सकता है कनेक्शन
गैस कंपनियों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी निर्धारित समय तक पूरी नहीं होगी, उनके कनेक्शन को निष्क्रिय श्रेणी में रखा जा सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित उपभोक्ता को गैस सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति के दौरान परेशानी हो सकती है।
कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को इस स्थिति से बचने के लिए समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। विशेष रूप से ऐसे उपभोक्ता जिनके कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज या जानकारी लंबे समय से अपडेट नहीं हुई है, उन्हें जल्द से जल्द संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
घरेलू श्रेणी के लाभ पर भी असर
ई-केवाईसी पूरी नहीं होने पर उपभोक्ताओं को घरेलू श्रेणी के तहत मिलने वाले लाभ प्रभावित हो सकते हैं। गैस कनेक्शन की स्थिति बदलने की वजह से उपभोक्ता को सामान्य घरेलू गैस आपूर्ति से जुड़ी सुविधाओं में परेशानी हो सकती है।
गैस एजेंसियों का कहना है कि ई-केवाईसी को लेकर किसी भी तरह की परेशानी होने पर उपभोक्ता अपने संबंधित वितरक से संपर्क कर सकते हैं। एजेंसी द्वारा उन्हें प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
व्यावसायिक दर पर सिलेंडर लेने की नौबत
गैस कंपनियों की ओर से यह भी बताया गया है कि ई-केवाईसी नहीं होने पर कनेक्शन निष्क्रिय श्रेणी में जाने की स्थिति में संबंधित उपभोक्ता को घरेलू श्रेणी के बजाय नियमानुसार व्यावसायिक श्रेणी के सिलेंडर की दरों के अनुसार शुल्क देना पड़ सकता है।
इससे उपभोक्ता की गैस पर होने वाली लागत बढ़ सकती है। हालांकि, यह स्थिति संबंधित कनेक्शन की स्थिति और लागू नियमों के आधार पर तय होगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भ्रम की स्थिति में सीधे अपनी गैस एजेंसी से जानकारी प्राप्त करें।
अंतिम तारीख का इंतजार न करें
गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 15 अगस्त की अंतिम तारीख का इंतजार न करें। अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के ई-केवाईसी कराने के लिए पहुंचने से गैस एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
समय रहते प्रक्रिया पूरी करने से उपभोक्ताओं को भीड़ और इंतजार से बचने में मदद मिलेगी। साथ ही, कनेक्शन से जुड़ी किसी तकनीकी या दस्तावेज संबंधी समस्या को दूर करने के लिए भी पर्याप्त समय मिल सकेगा।
ऑनलाइन या एजेंसी से जानकारी लें
ई-केवाईसी कराने की सुविधा संबंधित गैस कंपनी की उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार ऑनलाइन माध्यम या गैस एजेंसी के जरिए हो सकती है। उपभोक्ता अपनी गैस कंपनी के अधिकृत माध्यम से प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं।
जिन उपभोक्ताओं को ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी आती है, वे अपने संबंधित गैस वितरक से संपर्क कर सकते हैं। खासकर बुजुर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं को एजेंसी से सही जानकारी लेकर ही प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
फर्जीवाड़े से भी रहें सावधान
ई-केवाईसी के नाम पर साइबर ठगी की आशंका को देखते हुए उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या अन्य संवेदनशील विवरण साझा नहीं करना चाहिए।
उपभोक्ताओं को केवल अधिकृत गैस एजेंसी या कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ही ई-केवाईसी संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
समय पर ई-केवाईसी कराना जरूरी
गैस कंपनियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर संभावित परेशानी से बचने के लिए उपभोक्ताओं को 15 अगस्त तक ई-केवाईसी करा लेना चाहिए। निर्धारित समय सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर कनेक्शन की स्थिति प्रभावित हो सकती है और सिलेंडर की आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए बेहतर होगा कि वे अंतिम तारीख से पहले अपनी ई-केवाईसी स्थिति की जांच कर लें। यदि प्रक्रिया लंबित है तो संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर इसे पूरा कराएं, ताकि भविष्य में गैस सिलेंडर की आपूर्ति और घरेलू श्रेणी से जुड़े लाभों को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो।