Uttarakhand: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रभावी प्रतिबंध लागू करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण पर रोक लगाने के साथ-साथ जन-जागरूकता बढ़ाने, प्लास्टिक मुक्त चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास तथा प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। राज्य सरकार इसी सोच के साथ विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध का उद्देश्य केवल प्लास्टिक के उपयोग को कम करना नहीं, बल्कि पर्यावरण, वन्यजीवों, नदियों और पर्वतीय क्षेत्रों को प्रदूषण से बचाना भी है। प्लास्टिक कचरा न केवल प्राकृतिक सुंदरता को प्रभावित करता है, बल्कि मिट्टी, जल स्रोतों और जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। इसे देखते हुए सरकार ने प्लास्टिक के उपयोग को नियंत्रित करने और उसके सुरक्षित निस्तारण के लिए कई कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों और पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने, कचरा संग्रहण की बेहतर व्यवस्था विकसित करने और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए स्थानीय निकायों, नगर निगमों और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण और सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि पर्यावरण पर प्लास्टिक के दुष्प्रभाव को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री धामी ने नागरिकों से भी अपील की कि वे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद करें और कपड़े, जूट अथवा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाए, तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर देहरादून नगर निगम के मेयर सौरभ थपलियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को लेकर सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से उत्तराखंड को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।