चंपावत । चंपावत में आयोजित सशक्त बहना उत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत आना उनके लिए हमेशा खास अनुभव रहता है। यहां पहुंचकर उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वह अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां की जनता से मिलने वाली ऊर्जा उन्हें लगातार काम करने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चंपावत से उनका विशेष लगाव है और यहां के लोगों का स्नेह और विश्वास उनके लिए बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि जनता का आशीर्वाद ही उन्हें प्रदेश के विकास और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का हौसला देता है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति, बहनों और बेटियों के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और प्रदेश का संपूर्ण विकास संभव नहीं है।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य की आधी आबादी यानी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून का जिक्र करते हुए कहा कि यह कानून 50 प्रतिशत आबादी की 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पहले सरकारें थीं, तब महिलाओं और मेहनतकश लोगों के हितों पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय जनता के हितों के बजाय निजी स्वार्थों को प्राथमिकता दी गई। सीएम ने कहा कि अब प्रदेश की जनता को ऐसे लोगों को अपनी ताकत दिखानी होगी जो विकास के कार्यों में बाधा डालते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और जनता के पैसे का उपयोग विकास कार्यों में किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बहनें और बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। चाहे स्वरोजगार हो, शिक्षा हो या सामाजिक क्षेत्र, महिलाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दिया जा रहा है और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बहनों की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी केवल एक दिन की नहीं, बल्कि हमेशा निभाने का संकल्प होना चाहिए।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी सरकार जनहित से जुड़े फैसले लेती रहेगी और प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जाएगा।
सशक्त बहना उत्सव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद भी किया और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सरकार की योजनाओं और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा।