बागेश्वर। उत्तराखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर दावेदारी का दौर शुरू हो गया है। कपकोट के पूर्व विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बलवंत सिंह भौर्याल ने राज्यसभा जाने की इच्छा जताते हुए पार्टी के सामने अपनी दावेदारी पेश की है। भौर्याल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फैक्स भेजकर राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी का टिकट देने का अनुरोध किया है। उनकी दावेदारी सामने आने के बाद बागेश्वर जिले के राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। वर्तमान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का छह साल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है। इस सीट के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है और नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। ऐसे में भाजपा के भीतर उम्मीदवार के नाम को लेकर मंथन चल रहा है।
भौर्याल ने पार्टी नेतृत्व के सामने रखी दावेदारी
बलवंत सिंह भौर्याल ने राज्यसभा के लिए अपनी दावेदारी सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई है। उन्होंने राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री को भी फैक्स भेजा है।
इसमें उन्होंने पार्टी से राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट देने का अनुरोध किया है। भौर्याल की इस पहल को उत्तराखंड भाजपा के भीतर राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर शुरू हुई गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि भाजपा ने अभी राज्यसभा उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। उम्मीदवार के चयन का अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को करना है।
कपकोट और बागेश्वर की राजनीति में चर्चा
भौर्याल की दावेदारी सामने आने के बाद कपकोट और बागेश्वर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा बढ़ गई है। लंबे समय से भाजपा से जुड़े होने और प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके होने के कारण उनका नाम स्थानीय स्तर पर जाना-पहचाना है।
राज्यसभा की सीट खाली होने से पहले पार्टी के कई नेताओं के नामों को लेकर अटकलें चल रही हैं। ऐसे समय में भौर्याल ने औपचारिक रूप से पार्टी नेतृत्व को अपनी इच्छा बताकर दावेदारी सार्वजनिक कर दी है।
अब पार्टी किस नेता को उम्मीदवार बनाती है, यह केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय के बाद स्पष्ट होगा।
नवंबर में खाली होगी सीट
उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग ने इस सीट के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके तहत 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और आवश्यकता पड़ने पर 16 अक्टूबर को मतदान होगा।
उत्तराखंड से वर्तमान में नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट और कल्पना सैनी राज्यसभा सदस्य हैं और तीनों भाजपा से हैं।
नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली होने वाली सीट पर नए सदस्य का चुनाव किया जाएगा।
उम्मीदवार को लेकर भाजपा में मंथन
राज्यसभा सीट के लिए भाजपा में उम्मीदवार के नाम को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के स्तर पर विचार-विमर्श के बाद पार्टी हाईकमान अंतिम निर्णय लेगा।
इसी बीच भौर्याल ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। अब उनकी दावेदारी पर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व क्या फैसला करता है, इस पर उनके समर्थकों की नजर रहेगी।
भाजपा की ओर से उम्मीदवार घोषित होने तक किसी भी नाम को अंतिम नहीं माना जा सकता।
पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री रह चुके हैं भौर्याल
बलवंत सिंह भौर्याल उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह कपकोट से विधायक रह चुके हैं और इससे पहले कांडा विधानसभा क्षेत्र का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
भाजपा संगठन में भी वह विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। स्थानीय राजनीति और संगठन में लंबे अनुभव को आधार बनाते हुए उन्होंने अब राज्यसभा के लिए पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी दावेदारी रखी है।
उनकी दावेदारी के बाद समर्थकों के बीच उम्मीद जगी है कि पार्टी नेतृत्व उनके नाम पर विचार कर सकता है। हालांकि टिकट को लेकर कोई आधिकारिक फैसला अभी सामने नहीं आया है।
16 अक्टूबर को होना है चुनाव
चुनाव आयोग की ओर से उत्तराखंड की इस एक सीट समेत उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव भी इसी कार्यक्रम के तहत होना है। मतदान की जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे।
उत्तराखंड की सीट के लिए नामांकन शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। इस कारण भाजपा को उम्मीदवार के नाम पर जल्द निर्णय लेना होगा।
पार्टी के भीतर उम्मीदवार के चयन में संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और अन्य राजनीतिक समीकरणों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन पार्टी ने अभी अपने चयन के आधार या उम्मीदवार को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की है।
राज्यसभा चुनाव पर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
राज्यसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर उम्मीदवार को लेकर चर्चा चल रही है।
भौर्याल की दावेदारी ने विशेष रूप से बागेश्वर जिले में इस चुनाव को लेकर दिलचस्पी बढ़ा दी है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राज्यसभा की जिम्मेदारी संभालने के इच्छुक हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट स्वयं भी उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य हैं। ऐसे में उम्मीदवार के चयन में प्रदेश संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच होने वाला विचार-विमर्श महत्वपूर्ण रहेगा।
हाईकमान के फैसले का इंतजार
फिलहाल बलवंत सिंह भौर्याल की ओर से दावेदारी पेश कर दी गई है, लेकिन भाजपा ने टिकट को लेकर कोई फैसला सार्वजनिक नहीं किया है। उत्तराखंड की इस सीट के उम्मीदवार का अंतिम चयन पार्टी हाईकमान के स्तर पर होना है।
नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होने के कारण उम्मीदवार के नाम को लेकर तस्वीर जल्द स्पष्ट होने की संभावना है।
भौर्याल के समर्थकों की नजर अब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर है। पूर्व विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री के रूप में अपने राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव के आधार पर उन्होंने राज्यसभा के लिए टिकट मांगा है। पार्टी नेतृत्व उनके नाम पर विचार करता है या किसी दूसरे नेता को उम्मीदवार बनाता है, इसका फैसला उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा के साथ ही स्पष्ट होगा।